आगरालीक्स….आगरा का सेंट जॉन्स कॉलेज 174 साल का हो गया है. 1850 में हुई थी इसकी स्थापना..आज धूमधाम से मनाया स्थापना दिवस…जानें इस कॉलेज के पहले प्राचार्य सहित पूरी जानकारी
आगरा का सेंट जॉन्स कॉलेज 174साल का हो गया है. कॉलेज की स्थापना 1850 में हुईथी. कॉलेज में सोमवार को 174वां स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया. अपने गौरवशाली इतिहास में कॉलेज शैक्षणिक उत्कर्षता के लिये जाना जाता रहा है. कॉलेज के प्रथम प्राचार्य ऑक्सफॉर्ड विश्वविद्यालय के प्रख्यात विद्वान बिशप वैल्पी फ्रेंच थे. कॉलेज के नये भवन का उद्घाटन सन 1914 में भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड हर्डिंग के द्वारा किया गया. जब आगरा विश्वविद्यालय की स्थापना सन् 1927 में हुई तो कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एडब्ल्यू डेविस आगरा विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति बने.
कॉलेज ने निरंतर शोध के क्षेत्र में अपना योगदान दिया है और तकरीबन प्रत्येक विभाग में राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय गोष्ठियों के आयोजन किये हैं. कॉलेज में विद्यार्थियों के स्थानन (प्लेसमेंट) और प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) पर भी जोर दिया जाता है. सेंट जॉन्स कॉलेज राष्ट्र की सेवा एवं मानव संसाधन के विकास में सार्थक भूमिका का निर्वहन करने के लिये सतत् संलग्न है.

सोमवार को कॉलेज का स्थापना दिवस समारोह को कॉलेज के मुख्य सभागार में मनाया गया. इस समारोह के मुख्य अतिथि द मोस्ट रेव्ह० बिजय कुमार नायक, विशप आगरा डायोसिस और कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष रहे. डा. अविनाश चंद, आशीष हाबिल, रेव्ह० हेरल्ड अमिताभ, रेव्ह एनके रोबिनसन, रेव्ह आकाश पॉल, प्राचार्य प्रो एसपी सिंह, शशी सिंह कॉलेज के आचार्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे. विशप नायक ने अपने सम्बोधन में कहा कि यह कॉलेज बहुत पुरानी परंम्पराओं और आदर्शों पर चल रहा है और भविष्य में भी नवीन अनुसंधान, शोध और समय के साथ चलने की मिसाल कायम करेगा.
इस अवसर पर कॉलेज के आकदमिक वर्ष 2023–24 की रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी जिसमें शिक्षकों और छात्रों की उपलब्धियों का विस्तृत वर्णन है. कॉलेज की वार्षिक पत्रिका “शब्द” का भी विमोचन हुआ. बॉटनी विभान ने भी अपनी पत्रिका “सीड” का विमोचन कराया. कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज की स्पेशल इवेंट कमीटी ने किया एवं कार्यक्रम संचालन प्रो० विन्नी जैन द्वारा किया गया. कार्यक्रम में प्रो डीएस शर्मा, प्रो. सुनीत साइलस, प्रो. राजीव फिलिप, प्रो. संजय जैन, प्रो. वंदना पाटनकर, प्रो. सुजन वर्धीस, प्रो. जे एन्ड्रयू, प्रो. मनोज पॉल, प्रो एसजी सिंह, प्रो. लिजी मैरी थॉमस, डा. सोलन सहाय, डा. रचिता शर्मा आदि शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे.
