मथुरालीक्स…. ट्रेन की जनरल टिकट पर 500 रुपये देकर एसी में यात्रा करने वाला एमटेक, एमबीए चोर लैपटॉप, मोबाइल और पर्स चोरी करता था, चोरी के पीछे हैरान करने वाला कारण। ( Mathura News Video: GRP Arrest Mtech MBA Thieve#Mathura)
जीआरपी मथुरा जंक्शन पुलिस ने फरहान तासीर खान पुत्र अंजुम तासीर निवासी थाना बडबिल क्षेत्र जिला केन्दुझर ओड़ीशा से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बताया कि उसने बीटेक,एमटेक के बाद एमबीए की पढाई की है कोरोना काल में नौकरी छूट गयी इसके बाद जब उसे कोई काम नही मिला तो वह ट्रेनो मे चोरी करने लगा वह ट्रेनो में व स्टेशनो पर घूमता रहता हूं और लापरवाह यात्रियो के सामान व मोबाइल आदि की चोरी कर लेता हैं।
आगरा के लिए ट्रेन में बैठा और चोरी की
नौ फरवरी को फरहान तासीर खान रेलवे स्टेशन नई दिल्ली से आगरा के लिये जनरल टिकट पर बैठा था औरटीटी को 500 रुपये देकर बिना रिजर्वेशन के एसी कोच में सीट ले ली थी । ट्रेन के एसी कोच में एक व्यक्ति सोता दिखायी दिया जिसने अपना एप्पल कम्पनी का मोबाइल , एप्पल बाच व पर्स सीट पर रख था तो उसने मौका पाकर मथुरा जं0 स्टेशन के पास से चोरी कर लिया तथा यह भी बताया कि उसे उस व्यक्ति का एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन मिल गया था । पर्स में एक विजिटिंग कार्ड में उसकी ई मेल आईडी लिखी थी जिसमें लेफ्ट साइड में 2509 अंक लिखा था , एटीएम कार्ड भी थे। तो उसने एक यश बैक के एटीएम कार्ड से इंडियन ओवरसीज बैक के एटीएम से दस दस हजार करके दस बार में एक लाख रुपये निकाल लिये थे।
एक लाख रुपये ही निकाल सका
एकाउंट में लगभग 25 लाख रुपये थे परन्तु एक दिन की लिमिट एक लाख रुपये थी ।उसके बाद उसने विकास मार्केट मथुरा से एक 2500 रूपये मे पुराना मोबाइल फोन खरीदा जिसमे शिकायतकर्ता का चोरी किये मोबाइल का सिम डालकर यूपीआई आईडी व पिन रीसेट किया परन्तु जिस एकाउट से उसने एक लाख रुपये निकाले थे उसका पासवर्ड रीसेट नही हुआ था शिकायतकर्ता के पेटीएम में दो एकाउंट एसबीआई तथा इंडियन बैक के एकाउट और मिले जिनका उसके द्वारा पासवर्ड रीसेट कर लिये थे ।इंडियन बैक के खाते से 8550 रुपये तथा एसबीआई एकाउंट से 17350 रुपये मुरादाबाद के जन सेवा केन्द्र के क्यूआर कोड के माध्यम से दिनांक 10 फरवरी को को ट्रान्सफर किये थे। जो मोबाइल और घडी व पर्स चोरी किया था पर्स से 4500 रुपये थे जिन्हे निकालकर पकडे जाने के डर से मोबाइल व पर्स मय सामान व घडी के अन्जान जगह पर ट्रेन से ही फेक दिया था। अभियुक्त के आपराधिक इतिहास के बारे मे जानकारी करने पर पता चला कि इससे पहले वह इसी प्रकार के मामले में मुरादाबाद जीआरपी से और दिल्ली साईबर क्राइम थाने से जेल गया है जिसके आपराधिक इतिहास के बारे में और जानकारी की जा रही है ।