आगरालीक्स… आगरा में वाहन चलाते समय इंजीनियरिंग छात्रों ने एआई की मदद से सड़कों पर गड्ढों का पता लगाने के लिए प्रोटोटाइप प्रोजेक्ट तैयार किया है। ( Agra News: Road potholes detected with help of AI#Agra )
आरबीएस इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस बिचपुरी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विभाग के छात्र तनिष्क कुमार, दिव्यांशु पांडे, शशांक परमार और शुभम कुशवाहा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का प्रयोग करते हुए सड़कों पर गड्ढों का पता लगाने के लिए प्रोटोटाइप प्रोजेक्ट तैयार किया। खराब सड़कों पर गड्ढों का बड़ा खतरनाक प्रभाव होता है, उनसे बचने के लिए वाहन चालक अक्सर नियंत्रण खो देते हैं, दूसरे वाहनों या यहाँ तक कि पैदल चलने वालों से टकरा जाते हैं। खतरा खास तौर पर मोटरसाइकिल सवारों के लिए गंभीर है, जो बिना किसी सावधानी के पकड़े जाने पर अक्सर गंभीर चोट या मौत का सामना करते हैं। तेज़ रफ़्तार से गड्ढों से टकराने वाले वाहन अक्सर संतुलन खो देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप जानलेवा दुर्घटनाएँ होती हैं और बारिश के मौसम में, ये ख़तरे और भी बढ़ जाते हैं, पानी से भरे गड्ढे अपनी गंभीरता को तब तक छिपाते रहते हैं जब तक कि बहुत देर न हो जाए आवागमन का सरल कार्य, जो सीधा-सादा होना चाहिए, एक उच्च जोखिम वाली यात्रा में बदल जाता है जिसमें जानलेवा दुर्घटनाओं क संभावना बढ़ जाती है।
गड्ढों का पता लगाने के पारंपरिक तरीकों में आमतौर पर मैन्युअल निरीक्षण या या सर्वेक्षण अधिकारियों की रिपोर्ट शामिल होती हैं, जो की बहुत धीम प्रक्रिया है। छात्रों ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारत की सड़कों को जल्द से जल्द गड्ढा मुक्त बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का प्रयोग करते हुए गड्ढों की पहचान करना, गड्ढों का मापन करना पर आधारित एक प्रोटोटाइप प्रोजेक्ट का मॉडल तैयार किया, जिससे अब गड्ढ को तेजी से और अधिक सटीक रूप से खोजा जा सकता है. इस प्रोजेक्ट में छात्रों ने Raspberry Pi 5 (रीयल-टाइम प्रोसेसिंग और कंट्रोल के लिए) आधारित सिस्टम और Sony IMX 708(12 Mega Pixel) कैमरा उपयोग किया है, पूरे सिस्टम को किसी भी गाड़ी पर इंस्टॉट किया जा सकता है, यह सिस्टम सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त सड़कों की तस्वीर लेता रहता है, और तस्वीरों के आधार, मशीन लर्निंग एल्गोरिथम्स के YOLO मॉडल से सिस्टम यह पता लगता है कि रोड मैं कहां पर गड्ढा है, जहां-जहां गड्ढे प्राप्त हुए हैं उन लोकेशन क जीपीएस पर टैग कर कर लिया जाता है जिससे हमें सड़क पर गड्ढे के कोऑर्डिनेट / लोकेशन पता चल जाती है।
छात्रों ने प्रोजेक्ट विभागाध्यक्ष डॉ जयकुमार के मार्ग दर्शन में बनाया है, उन्होंने यह बताया कि यह प्रोजेक्ट भारत वर्ष में बड़ा ही उपयोग साबित होगा, सड़कों की कंडीशंस खराब होने खराब होने पर उसको जल्द से जल्द रिपेयर कर सकते हैं और किसी खतरनाक दुर्घटना लोगों को बचाया जा सकता है, कॉलेज निदेशक (एकेडमिक) प्रो. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रोटोटाइप भविष्य में एक व्यावसायिक उत्पाद का रूप ले सकता है। यह समय रहते दुर्घटना बचाने में, लोगों का यात्रा में समय बचाने में, समय रहते हुए सड़कों की सही सम पर मरम्मत करने में मदद करेगा, यही इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी सफलता होगी। निदेशक (वित्त एवं प्रशासन) प्रो. पंकज गुप्ता इनोवेटिव प्रोजेक्ट के लिए छात्रों की सराहना एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। छात्रों के इस प्रोजेक्ट में इलेक्ट्रिकल विभाग शिक्षक इंजी. उपेंद्र पाल सिंह, इंजी. उपासना सपरा ने भी सहयोग प्रदान किया ।