आगरालीक्स…आगरा में एबीसी सेंटर के अंदर श्वानों की हालत देखकर बोलीं मेयर—ऐसे कैसे होगा एनिमल बर्थ कंट्रोल?…निरीक्षण में श्वानों को नहीं मिलते पाया खाना, जताई बड़े घपले की आशंका. देखें वीडियो
निराश्रित पशुओं द्वारा कई बार विभिन्न मंचों पर नगर निगम आगरा द्वारा चलाए जा रहे एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) अभियान पर सवाल उठाने के बाद महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने गुरुवार को जलेसर रोड स्थित एबीसी सेंटर पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। यहां पर उन्हें घोर अव्यवस्थाएं मिलीं। अव्यवस्थाओं और पशुओं की हालत को देखकर महापौर सेंटर में मौजूद कर्मियों पर नाराज हुईं। महापौर ने सेंटर में बरती जा रही लापरवाही को देखकर किसी बड़े घपला होने की आशंका जताई।महापौर 1.85 करोड़ रुपये की लागत से बने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर व डॉग केयर सेंटर पहुंची तो उन्हें वहां पर इतनी बदबू मिली, जिसके कारण सेंटर के अंदर घुसना भी मुश्किल हो रहा था। इस केंद्र सेंटर के अंदर पकड़े गए कुछ श्वानों को बंद करके रखा गया था, जिनकी हालत काफी गंभीर थी। उन्हें खाना भी नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद महापौर ने सेंटर पर मौजूद कर्मियों से खाना दिए जाने को लेकर पूछताछ की और खाने के स्टॉक को खुद चेक किया, जो नाकाफी था। महापौर ने निरीक्षण के दौरान यह भी आशंका जताई की श्वानों का खाना का पैसा अधिकारी अपनी जेब में रख रहे हैं और भूख से तड़पकर मर रहे श्वानों को सेंटर में ही दफनाया जा रहा है। इसके बाद में महापौर ने सेंटर पर मौजूद स्टाफ से पूछा कि रोजाना कितने श्वानों का बंध्याकरण किया जाता है तो बताया गया कि रोजाना 65 श्वानों का बंध्याकरण होता है। जबकि सेंटर में इतने तो श्वान भी नहीं थे।
महापौर के एक कर्मी ने बताया कि आज 26 श्वानों को शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पकड़कर लाया गया है। महापौर ने इसके बाद में रजिस्टर चेक किए। इनमें अधूरी एंट्री पाईं गईं, जो कि दर्शाता है कि बंध्याकरण व एंटी रैबीज आगरा के अभियान को बहुत बड़ी क्षति पहुंचाई जा रही है। यह श्वानों के साथ अमानवीय व्यवहार को तो दर्शा ही रही है बल्कि शहर के 30 लाख से अधिक लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। महापौर ने सेंटर में औचक निरीक्षण के बाद कहा कि नगर निगम आगरा के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार द्वारा व उनकी टीम के द्वारा कोई बड़ा घपला किया जा रहा है। जिसकी जांच के लिए वह उच्च अधिकारियों को निर्देशित करेंगी।