आगरालीक्स….आगरा में 45 डिग्री टेढ़े घुटनों को सीधा कर मरीज को मिली नई जिंदगी.. उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के डॉ. सिद्धार्थ दुबे ने की सफल सर्जरी
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी कर 45 डिग्री टेढ़े घुटनों को सीधा कर मरीज को नया जीवन दिया। यह आगरा मंडल में अपनी तरह का पहला सफल ऑपरेशन है, जिसमें 12 साल से पीड़ित मरीज की घिसी हुई हड्डियों और गड्ढों को ठीक किया गया।
72 वर्षीय बाबूलाल के घुटनों का कार्टिलेज (उपास्थि) पूरी तरह घिस चुका था, जिसके कारण हड्डियों में गड्ढे बन गए थे और घुटने टेढ़े हो गए थे। पिछले 12 वर्षों से वह लंगड़ाकर चल रहे थे और दर्द के कारण उन्हें चलने-फिरने में काफी तकलीफ होती थी। कई अस्पतालों में इलाज कराने के बाद भी उम्र को लेकर उन्हें निराशा ही मिली।

उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सिद्धार्थ दुबे ने जांच के बाद पाया कि मरीज सीवियर वेरस डिफॉर्मिटी से पीड़ित है। इसके इलाज के लिए विशेष प्रकार का इंप्लांट मंगवाया गया, जिसकी डिजाइन सामान्य इंप्लांट से अलग थी। डॉ. दुबे के अनुसार, सर्जरी के दौरान लिगामेंट बैलेंसिंग और हड्डियों के गड्ढों को भरना सबसे बड़ी चुनौती थी। इंप्लांट को मजबूती से फिट करने के लिए रॉड का भी उपयोग किया गया।
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि पहले एक घुटने का ऑपरेशन किया गया और कुछ समय बाद दूसरे घुटने की सर्जरी की गई। अब मरीज बिना किसी दर्द के सामान्य रूप से चल-फिर सकता है। खुशी की बात यह है कि इस इलाज का पूरा खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत वहन किया गया, जिससे मरीज को कोई आर्थिक भार नहीं उठाना पड़ा। डॉक्टर ने कहा कि अगर कोई अन्य व्यक्ति भी ऐसी ही समस्या से जूझ रहा है और आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पा रहा है, तो वह इस योजना का लाभ उठा सकता है।