नईदिल्लीलीक्स.. (2 मिनट में पूरी खबर) अहमदाबाद विमान हादसे की रिपोर्ट एक पायलट ने दूसरे से पूछा तुमने फ्यूल कटऑफ क्यों किया, उसने कहा मैने नहीं किया, टेकआफ के 98 सेकंड, 241 की हुई मौत।
12 जून को अहमदाबाद विमान हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी है। एआई171 एअर इंडिया का बोइंग 787— 8 ड्रीमलाइनर ने दोपहर 1.37 बजे उड़ान भरने की अनुमति मिलने के बाद टैकआफ किया और 1.38 बजे टेकआफ के बाद स्पीड 284 किलोमीटर प्रति घंटा पहुंच गई। छह सेकंड बाद ही विमान हवा में उड़ने लगा। हवा में पहुंचने के बाद विमान की स्पीड 334 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।
टेकआफ के बाद दोनों इंजन की ईंधन सप्लाई हुई बंद
रिपोर्ट की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, टेकआफ के बाद विमान ने अधिकतम स्पीड हासिल कर ली, इंजनों के फ्यूल कटआफ स्विच रन पर था और एक सेकंड बाद कटआफ हो गया। पायटल ने कोशिश की तो एक इंजन दोबारा शुरू हो गया लेकिन दूसरा इंजन शुरू नहीं हुआ और उड़ान भरने के 98 सेकंड में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
कॉकपिट के वाइस रिकार्डर में पायलट के बीच की बातें
विमान के काकपिट जहां पायलट बैठते हैं उसमें वाइस रिकार्डर होता है। जांच में वाइस रिकार्डर में सामने आया कि टेकआफ के बाद विमान के दोनों इंजन बंद होने के बाद एक पायलट दूसरे से पूछता है कि तुमने कटआफ क्यों किया, जवाब मिलता है कि मैंने नहीं किया, इससे आशंका है कि तकनीकी गड़बड़ी या स्वचालित कटआफ हो गया। इसके बाद पायलेटों ने दोनों इंजनों को फिर से शुरू करने की कोशिश की, इंजन 1 दोबारा शुरू होने लगा और उसकी गति भी रिकवर होने लगी लेकिन इंजन 2 बार बार फ्यूल दोबारा पहुंचाने के बाद भी पर्याप्त गति नहीं पकड़ सका इसके चलते दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान का थ्रॉटल कंट्रोल माडयूल 2019 और 2023 में बदला गया लेकिन इसका संबंध फ्यूल कंट्रोल से नहीं है, इस संबंध में कोई शिकायत भी नहीं आई है।