आगरालीक्स ……Agra News: आगरा में एडीए ने जिस बिल्डर पर मुकदमा दर्ज कराया, 4.33 करोड़ की वसूली के लिए आरसी जारी कराई उसने दिवालिया घोषित होने के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण यानी एनसीएलटी में याचिका दाखिल की है। इसमें एडीए को पक्षकार बनाया गया है।
आगरा में 2008 में अंसल प्रोपर्टी एंड इन्फास्ट्रक्चर ने बिचपुरी के सरदवन क्षेत्र में सुशांत ताज सिटी के लिए इंटीग्रेटेड टाउनशिप के तहत 477.50 एकड़ भूमि का मानचित्र पास कराया था, जबकि बिल्डर के पास 368.50 एकड़ भूमि स्वामित्व था। विकास शुल्क के एवज में जिस भूमि को एडीए में बिल्डर द्वारा बंधक रखा वो भी उसकी नहीं थी।
4.33 करोड़ विकास शुल्क जमा न करने पर निकाली थी आरसी
एडीए को विकास शुल्क के रूप में 4.33 रुपये भी जमा नहीं किए। एडीए ने सात मार्च 2025 को मैसर्स अंसल प्रोपर्टी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर्स प्रणव बंसल, सुशील अंसल और वाइस प्रेसीडेंट विनय यादव सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ लोहामंडी थाने में केस दर्ज कराया था।
दिवालिया घोषित होने पर विकास शुल्क भी नहीं वसूल सकेगा एडीए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मैसर्स अंसल प्रोपर्टी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिवालिया घोषित होने के लिए एनसीएलटी में याचिका दाखिल की है। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली का मीडिया से कहना है कि मैसर्स अंसल प्रोपर्टी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने दिवालिया घोषित होने के लिए एनसीएलटी में आवेदन किया है। एनसीएलटी में मामला जाने से विकास शुल्क वसूलने के लिए जारी की गई 4.33 करोड़ की आरसी भी वापस हो सकती है।
निखिल होम्स की 23 करोड़ की आरसी वापस
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, निखिल होम्स एसोसिएट के बिल्डर शैलेंद्र अग्रवाल ने एनसीएलटी में याचिका दायर की है, बिल्डर के विरुदध 23 करोड़ की आरसी जारी हुई थी, उसे भी वापस कर लिया है।