आगरालीक्स…आगरा अवैध धर्मांतरण के चार दिन. कारोबारी की दोनों बेटियां वापस लौटीं, सरगना सहित 11 अरेस्ट, कारोबारी और उनकी पत्नी का रो—रोकर बुरा हाल. एनआईए और ईडी के हाथ में जांच
आगरा पुलिस की ओर से अवैध धर्मांतरण के खुलासे ने लोगों को चौंका दिया है. बीते शनिवार को पुलिस ने आगरा के सदर क्षेत्र के जूता कारोबारी की दो बेटियों का अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था. पुलिस ने गैंग के 10 सदस्यों को शनिवार, 19 जुलाई को अरेस्ट किया था. इसमें आगरा का रहमान भी शामिल था. टीम ने कोलकाता से कारोबारियों की बेटियों को रेस्क्यू किया गया था.ये है पूरा मामला
आगरा के सदर क्षेत्र के रहने वाले एक पंजाबी परिवार की दो सगी बहनों में से बड़ी बहन ने दयालबाग डीम्ड यूनिवर्सिटी से एमफिल किया है. 2021 में ये आगरा के खंदारी कैम्पस से पढ़ाई कर रही उधमपुर जम्मू कश्मीर की छात्रा खुशबू के संपर्क में आई. कुछ दिन बाद खुशबू अपने साथ बड़ी बहन को जम्मू ले गई. यहां उसका ब्रेनवॉश किया गया और धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया गया. इसी दौरान जम्मू में लैंडस्लाइड होने से युवती वापस आगरा अपने घर आ गई. इसके बाद घर लौटने पर उसने हिंदू परंपराओं के खिलाफ विद्रोह शुरू कर दिया और वह कट्टर इस्लामी विचारधारा को अपनाने का प्रयास करने लगी.
पहले दिन शनिवार 19 जुलाई को धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद जनपदीय पुलिस आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में कार्य करते हुए 06 राज्यों से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जो देश के विभिन्न राज्यों में विशेष तौर पर कम उम्र की लड़कियों को प्रलोभन, लव जिहाद एवं अन्य तरीकों से प्रभावित कर धर्मांतरण के कार्य में लिप्त है. अवैध धर्मांतरण का यह Modus operandi, ISIS का सिग्नेचर स्टाइल है.
इनको किया गया अरेस्ट
- आयशा (एस.बी. कृष्णा) - गोवा
II. अली हसन (शेखर रॉय) - कोलकाता
III. ओसामा- कोलकाता
IV. रहमान कुरैशी- आगरा
V. अब्बू तालिब- खालापार, मुजफ्फरनगर
VI. अबुर रहमान- देहरादून
VII. मोहम्मद अली- जयपुर, राजस्थान
VIII. जुनैद कुरैशी- जयपुर
IX. मुस्तफा (मनोज)- दिल्ली
X. मोहम्मद अली- जयपुर
दूसरे दिन 20 जुलाई को पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, धर्मांतरण का शिकार युवतियों का पिता आया सामने
दूसरे दिन पुलिस ने अपनी जांच और तेज की. इसमें कई खुलासे हुए. आगरा में अवैध धर्मांतरण के खुलासे ने हर किसी को हैरान कर दिया है. पुलिस ने गिरोह के चंगुल से सदर क्षेत्र की दो सगी बहनों को सुरक्षित वापस निकालने में कामयाबी हासिल की है. इससे उनके परिवार में खुशी है, लेकिन सभी लोग दहशत में हैं. दोनों बहन को बरामद करने में पुलिस को 3 महीने से अधिक का समय लग गया। पुलिस के अनुसार दोनों बहनों को कोलकाता ले जाकर मुस्लिम बस्ती में रखा गया था. दोनों बहनें बुर्का पहने हुए थीं। पुलिस जब वहां पहुंची तो विरोध का सामना करना पड़ा. गिरोह में शामिल आरोपियों ने दोनों बहनों का नाम बदल दिया था और दोनों की मुस्लिम लड़कों से निकाह कराने की तैयारी चल रही थी.
तीसरे दिन 21 जुलाई को सरगना अरेस्ट
आगरा पुलिस ने तीसरे दिन दिल्ली से अवैध धर्मांतरण गैंग का सरगना अब्दुल रहमान को अरेस्ट किया. पुलिस ने इसके पास से रोहतक की एक युवती को भी बरामद किया. पुलिस आयुक्त आगरा दीपक कुमार ने बताया कि दिल्ली के मुस्तफाबाद से आगरा पुलिस ने अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने वाले गैंग के सगना अब्दुल रहमान जिसे अब्दुल चचा कहते थे उसे अरेस्ट किया गया है उसके घर से धर्मपरिवर्तन से जुड़ी पुस्तक और सामग्री जब्त की गईंं है। अब्दुल रहमान मूल रूप से फिरोजाबाद का रहने वाला है, उसका नाम महेंद्र पाल है उसने 1990—91 में धर्मपरिवर्तन किया था इसके बाद दिल्ली में रहने लगा और धर्मांतरण का बड़ा रैकेट चलाने वाले कलीम सिद्दीकी से जुड़ गया था कलीम सिद्दीकी को 2021 में अरेस्ट किया गया था इसके बाद जेल भेज दिया गया था उसके धर्मांतरण के काम को अब्दुल रहमान आगे बढ़ा रहा था.
चौथे दिन 22 जुलाई
कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
अब्दुल रहमान को मंगलवार (22 जुलाई) को आगरा में कोर्ट में पेश किया गया. विवेचक ने कोर्ट में पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया. पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के अनुसार कोर्ट ने दिल्ली से अरेस्ट किए गए अब्दुल रहमान की 2 अगस्त तक 10 दिन की पुलिस रिमांड स्वीकृत की है.
एनआईए जांच के लिए पहुंची
आगरा पुलिस द्वारा दिल्ली से अरेस्ट किए गए अवैध धर्मांतरण गिरोह के सरगना अब्दुल रहमान सामूहिक धर्मांतरण मामले में आजीवन कारावास कीसजा काट रहे मौलाना कलीम सिद्दीकी गिरोह से जुड़ा हुआ था. 2021 में कलीम सिद्दीकी के जेल जाने के बाद अब्दुल रहमान द्वारा धर्मांतरण गैंग संचालित किया जा रहा था. इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सोमवार रात को आगरा पहुंच गई. आगरा अवैध धर्मांतरण के मामले में आगरा पुलिस के बाद अब एनआईए जांच करेगी. इसके साथ ही गिरोह को विदेशों से हो रही फंडिंग के मामलों की जांच ईडी को सौंपी गई है. इस गिरोह से एक बड़ा नेटवर्क खुलेगा, यह सामने आया है.