आगरालीक्स…आगरा में यमुना के साथ पिनाहट में चंबल का जलस्तर भी हुआ कम. लेकिन चंबल के कारण 10 गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा..मोटर बोट का संचालन अभी भी बंद
आगरा में राहत की बात सामने आई है. यमुना के साथ ही खतरे के निशान पर बह रही चंबल नदी का जलस्तर भी आज कम हुआ है. आगरा में यमुना का जलस्तर लगातार तीन दिन से कम हो रहा है. ये नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए राहत की बात है.22 अगस्त को यमुना का जलस्तर अलर्ट लेवल को क्रॉस कर गया था लेकिन राहत की बात ये है कि शनिवार को दोपहर दो बजे तक यमुना के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है. यह अलर्ट लेवल से नीचे आया है. वहीं आज भी जलस्तर कम हआ है. यमुना में हाईफ्लड लेवर 154.760 मीटर है, डेंजर लेवल 152.400 मीटर पर है और अलर्ट लेवर 151.400 मीटर है. सोमवार दोपहर दो बजे तक यमुना का जलस्तर 150.275 मीटर आ गया है, यानी जलस्तर में गिरावट आई है. प्रशासन के अनुसार जलस्तर और कम हो सकता है.
वहीं शनिवार को उफनाई चंबल नदी ने रविवार को खतरे के निशान 130 मीटर को छू लिया था. चंबल नदी में आई बाढ़ से बाह के मऊ की मढैया, रानीपुरा, भटपुरा, गोहरा, गुढ़ा, झरनापुरा, पुरा डाल, का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है. प्रशासन ने रानीपुरा, भटपुरा और गोहरा के लिए मोटर बोट का संचालन शुरू करा दिया है. बाढ़ के चलते भगवानपुरा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, पुरा डाल, रेहा, डगोरा, कछियारा गांव की बिजली काट दी है. चंबल में बाढ़ के मद्देनजर मध्य प्रदेश के भिंड और मुरैना के लिए कैंजरा घाट पर चलने वाली मोटर बोट सेवा बंद रही. हालांकि सोमवार को जलस्तर में गिरावट आई है. चंबल का अलर्ट लेवल 127 मीटर है जबकि डेंजर लेवल 130 मीटर तो हाई फ्लड लेवल 137.60 मीटर पर है. सोमवार को चंबल का जलस्तार पिनाहट में 129.20 मीटर दर्ज किया गया है.