आगरालीक्स…आगरा में हाई फ्लड लेवल की ओर यमुना, ऐसा हुआ तो 1978 की बाढ़ जैसे होंगे हालात. बच्चों सहित 752 लोग बाढ़ से प्रभावित..गोकुल बैराज से 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा
आगरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से यमुना के तटवर्ती क्षेत्रों में कैलाश गांव, दयालबाग की अमर विहार, बल्केश्वर की कॉलोनियों में पानी पहुंच गया है। वहीं, लगातार जलस्तर बढ़ने से नाले बैक मारने लगे हैं, इसके कारण सोमवार सुबह बेलनगंज के रास्ते में भी पानी पहुंच गया। दयालबाग क कई कॉलोनियां में यमुना का पानी आ गया है। यमुना किनारा मार्ग पर कामाख्या देवी मंदिर के सामने रेलवे पुल के नीचे भी पानी भर गया है।जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए ताजा अपडेट के अनुसार, पानी का बहाव और स्तर दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला प्रशासन के ताजा अपडेट के अनुसार, गौकुल बैराज, मथुरा से आगरा के लिए 1.60 लाख क्यूसिक पानी शाम छह बजे छोड़ा गया है इससे कुछ घंटे बाद जलस्तर और बढ़ सकता है. सोमवार शाम छह बजे आगरा में यमुना का जलस्तर 501.11 फीट है, यह लगातार बढ़ रहा है और 15 साल पहले 2010 में आगरा में 500 फीट तक यमुना का जलस्तर पहुंचा था वह रिकार्ड भी टूट गया है।
हाई फ्लड लेवल की ओर यमुनाआगरा में धीरे—धीरे यमुना का जलस्तर हाई फ्लड लेवल 507.74 फीट है. अगर ऐसा होता है तो 1978 में आई बाढ़ जैसे हालात फिर सेहो सकते हैं. हालांकि डीएम आगरा का कहना है कि पिछले कुछ घंटे से यमुना का जलस्तर स्थिर है. वह बढ़ा नहीं है लेकिन मथुरा से पानी छोड़ा गया है तो जलस्तर बढ़ सकता हे. नदी किनारे लोग न जाएं ऐसी अपील की जा रही है.
192 परिवारों के 752 लोग प्रभावित
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार आगरा में यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना है. यमुना में बाढ़ के कारण कैलाश मंदिर के आसपास, आईटीआई बल्केश्वर, मेहरा नाहरगंज, गढ़ी बंगस, बरौली गूजर, बुर्ज मजरा तनौरापुर के 192 परिवारों के 752 लोग प्रभावित हैं. इसके अलावा बल्केश्वर में 100 व्यक्तियों को बाढ़ शरणालय में विस्थापित किया गया है. वहीं कैलाश मंदिर में 220 लोगों को शेल्टर भेजा गया है. लोगों को बाढ़ आपदा से बचाव के लिए एनडीआरएफ उपलब्ध है.