आगरालीक्स…आगरा में आईएमए के डॉक्टरों में आक्रोश. बोले—नहीं बर्दाश्त करेंगे ब्लैकमेलिंग, उत्पीड़न या दबाव की राजनीति..24 घंटे का दिया अल्टीमेटम..जानें पूरा मामला
आईएमए, आगरा के सचिव डॉ. रजनीश कुमार मिश्रा का ताजनगरी फेज टू में सुश्रुत हेल्थ केयर सेंटर है। उनके पार्टनर अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार कुशवाहा है, साल 2022 में धिमिश्री के रहने वाले पप्पू के सीधे पैर की जांघ की हडडी सड़क हादसे में टूट गई थी, उन्होंने सुश्रुत हॉस्पिटल में सर्जरी कराई। हडृडी नहीं जुड़ी तो डॉक्टर ने उनकी दोबारा सर्जरी करने के लिए कहा, इसे लेकर विवाद शुरू हो गया। डॉ. सुनील कुमार कुशवाह का आरोप है कि 13 सितंबर को मरीज अपने साथ एक व्यक्ति को लेकर आया, आरोप है कि उसने तीन लाख रुपये की मांग की, रुपये न देने पर हॉस्पिटल में तोड़फोड़ और धरना देने की चेतावनी दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कहा है कि सोमवार सुबह 11 बजे सुश्रुत हॉस्पिटल पर प्रदर्शन किय जाएगा।

बड़ी संख्या में पहुंचे किसान नेता
आईएमए, आगरा के सचिव डॉ. रजनीश कुमार मिश्रा के सुश्रुत हेल्थ केयर सेंटर का घेराव करने के लिए बड़ी संख्या में किसान नेता पहुंच गए। हॉस्पिटल पर पहले से ही पुलिस फोर्स तैनात था पुलिस ने किसान नेताओं को रोक लिया है और हॉस्पिटल की तरफ नहीं जाने दिया।
डॉक्टरों में आक्रोश, दिखाई एकजुटता
इस प्रदर्शन से आईएमए के डॉक्टरों में आक्रोश छा गया। तत्काल ही एक आपातकालीन जीबीएम (GBM) मीटिंग सुष्रुत हॉस्पिटल में बुलाई गई, जहाँ 300 से अधिक डॉक्टर एक साथ जुटे और कुछ किसान यूनियन के छोटे पदाधिकारियों द्वारा की जा रही ब्लैकमेलिंग, झूठे आरोप और पैसों की मांग के खिलाफ एकजुटता और मजबूती का परिचय दिया। आईएमए, आगरा ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि डॉक्टरों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग, उत्पीड़न या दबाव की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और चिकित्सा समुदाय सदैव एकजुट रहकर उसका डटकर मुकाबला करेगा।
आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित ने कहा कि “हम डॉक्टर हैं और सदैव हर जरूरतमंद की सेवा के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन हमें भी एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल चाहिए, ताकि हम अपने मरीजों को सर्वोत्तम इलाज दे सकें।”
आईएमए आगरा के सचिव डॉ. रजनीश मिश्रा ने कहा कि एक डॉक्टर बेहद ईमानदारी से काम करते हैं, उनके खिलाफ किसी भी तरह की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर ऐसे ही हालात रहेंगे तो हम काम ही नहीं कर पाएंगे और धीरे-धीरे सभी छोटे अस्पताल बंद हो जाएंगे ”
ये डॉक्टर रहे मौजूद
इस मीटिंग में डॉ. पंकज नागायच, डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, डॉ सीमा सिंह, डॉ मुकेश गोयल, डॉ. योगेश सिंगल, डॉ. डीवी शर्मा, डॉ जेएन टंडन, डॉ. अशांक गुप्ता, डॉ सुनील, डॉ अजय, डॉ. अमिता कुशवाह, डॉ राकेश मोहनिया, डॉ.सचिन मल्होत्रा, डॉ.बी बी कुशवाहा, डॉ मनोज शर्मा, डॉ गोविंद सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर मौजूद रहे और पूरे मेडिकल समुदाय ने एक स्वर में अपने सम्मान और सुरक्षा के लिए आवाज उठाई। सभी चिकित्सको में भारी रोष और गुस्सा व्याप्त है।
पुलिस को दी तहरीर
आईएमए आगरा ने पुलिस द्वारा चिकित्सक की तहरीर नहीं लेने पर भी विरोध जताया जिस पर अस्पताल में पुलिस द्वारा आ कर तहरीर ली गई। आईएमए ने सभी लोगों की 24 घंटे में गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया है उसके पाश्चात अगला कदम तय किया जाएगा। अस्पताल परिसर के आसपास 10 -15 लोगों द्वारा प्रदर्शन करने का प्रयास किया गया जिसे पुलिस ने विफल कर दिया