आगरालीक्स…सावधान हो जाएं, आगरा के 18 साल के नेशनल एथलीट की हार्ट अटैक से मौत. रोजाना 5 किमी की लगाता था दौड़. 10 दिन पहले स्टेट चैम्पियनशिप खेलकर आया था..
आगरा के अछनेरा में रहने वाले रिंकू सिंह नेशनल एथलीट थे और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए भरतपुर में रहकर तैयारी कर रहे थे. भरतपुर में रविवार सुबह रिंकू सिंह को कंपकंपी महसूस हुई और बेचैनी हो रही थी. बेहोशी छाने पर साथी रूममेट उसे अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. रिंकू सिंह का पोस्टमार्टम कराया गया. प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से मौत बताई जा रही है. मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है.
दस दिन पहले स्टेट चैम्पियनशिप में लेकर आया था भाग
नागर गांव के रहने वाले रिंकू सिंह के चाचा बॉबी सिंह का मीडिया से कहना है कि उनका भतीजा रोजाना 5 किलोमीटर रनिंग भी करता था और दस दिन पहले ही वह स्टेट चैम्पियनशिप में खेलकर आया था जहां उसने तीसरा स्थान प्राप्त किया था.
2024 में नेशनल टूर्नामेंट खेला था
रिंकू के चाचा ने बताया कि वह दिसंबर 2024 में आल इंडिया यूनिवर्सिटी खेल चुका है. दिसंबर 2024 में ही वह नेशनल खेल चुका है. उसने 5 हजार मीटर रेस में भाग लिया था.
अचानक हृदय गति रुक जाने से हो जाती है मौत, ये होते हैं लक्षण
अरिथमिया (दिल की अनियमित धड़कन) और वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया (दिल की अत्यधिक तेज धड़कन) ऐसी स्थितियां हैं जो अचानक हृदय गति रुकने (Sudden Cardiac Arrest) का कारण बन सकती हैं। यह समस्या अक्सर बिना किसी चेतावनी के होती है और कुछ ही मिनटों में जानलेवा हो सकती है।
लक्षण जो नज़रअंदाज न करें:
अचानक बेहोशी या गिर जाना।
सांस लेने में परेशानी या सांस बंद होना।
दिल की धड़कन तेज, अनियमित या बंद हो जाना।
सीने में भारीपन या बेचैनी।
यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर गिर जाए, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
स्थिति को पहचानें:
पीड़ित को हिलाकर देखें। यदि वह प्रतिक्रिया नहीं देता और सांस नहीं ले रहा है, तो यह अचानक हृदय गति रुकने का मामला हो सकता है।
सीपीआर (CPR) शुरू करें
पीड़ित को सीधा लिटाएं और सीने के बीच में तेजी और मजबूती से दबाव डालें।
100-120 बार प्रति मिनट की दर से दबाव डालते रहें।
सांस देने की चिंता न करें, बस छाती को पंप करते रहें।
AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) का उपयोग करें
अगर आसपास AED मशीन उपलब्ध हो, तो इसे तुरंत लगाएं। यह मशीन दिल को शॉक देकर सामान्य धड़कन शुरू कर सकती है।
एम्बुलेंस को बुलाएं:
नजदीकी अस्पताल को तुरंत सूचित करें।
बचाव के उपाय:
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: धूम्रपान और शराब से बचें, और संतुलित आहार लें।
व्यायाम करें: रोजाना 30 मिनट टहलें या हल्का व्यायाम करें।
समय-समय पर जांच कराएं: हृदय रोग के लक्षणों को गंभीरता से लें और नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह लें।
यदि आप हृदय रोगी हैं: दवाइयों को नियमित रूप से लें और तनाव से बचें।
जागरूकता जरूरी है!
सार्वजनिक स्थानों पर AED मशीन लगवाने की मांग करें।
CPR का प्रशिक्षण लें—यह किसी की जिंदगी बचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।
आपकी सतर्कता और मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है।