आगरालीक्स…. आगरा के ईशान इंजीनियरिंग कॉलेज, मथुरा रोड पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गैर संचारी रोग पर कार्यशाला आयोजित की गई, आगरा को-ऑर्डिनेटर डॉ. पियूष जैन ने बताया कि जीवन शैली के कारण पहले 50 वर्ष में होनी वाली बीमारी का शिकार आज 20-25 वर्ष के युवा हो रहे हैं। फायबर रहित पिज्जा बर्गर और कोल्ड ड्रिंग युवाओं के भोजन का विकल्प बन गए हैं। शारीरिक श्रम कम और तनाव बढ़ रहा है। सबसे अधिक चिन्ता स्ट्रोक (लकवा) को लेकर है। क्योंकि इसके बारे में लोग कम जानते हैं। इसका शिकार होने पर या तो जान जाएगी या फिर आप जीवन भर के लिए अपाहित हो जाएंगे। ऐसे में पूरा परिवार बिखर जाता है। डॉ. नीतू चौधरी ने डायबिटीज व हृदय रोग के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने अपने जिज्ञासा भरे सवाल भी किए। संचालन कॉलेज के निदेशक डॉ. जीएस श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर निधि जैन व मैनेजिंग ट्रस्टी मंजरी अग्रवाल भी मौजूद थी।
आगरा से शुरू हुआ अभियान पूरी यूपी को कर रहा जागरूक
आगरा। डॉ. पियूष ने बताया कि गैर संचारी रोगों पर लोगों को जागरूक करने का अभियान आगरा से शुरू हुआ था, जो आज पूरी यूपी में चल रहा है। उद्देश्य स्कूल कॉलेजों में जाकर लोगों को इन बीमारियों के प्रति जागरूक करना है, जिससे इसके बढ़ते ग्राफ को कम किया जा सके। डॉ. पियूष ने बताया कि स्ट्रोक के दौरान लगाया जाने वाला 50 हजार कीमत का इंजेक्शन जिला अस्पताल में फ्री है। इंसुलिन के इंजेक्शन भी फ्री उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल में स्ट्रोक रिस्पॉन्स टीम बनी है जो हर वक्त मरीज के लिए उपलब्ध है।
स्ट्रोक के लिए फास्ट कैम्पेन
FAST कैम्पेन यानि स्ट्रोक के लक्षणों के प्रति लोगों को जागरूक करना। इसके नाम में ही सभी जवाब छिपे हैं।
-F यानि फेस अचानक चेहरे पर टेढ़ापन होने लगे।
-A यानि आर्म (हाथ या पैर) में अचानक कमजोरी महसूस होने लगे।
-S यानि स्पीच। बोली में अस्पष्टता
-T टाइन यानि इन लक्षणों के के 4 घंटे के अंदर मरीज का सही अस्पताल और सही डॉक्टर के हाथों इलाज जरूरी है।