आगरालीक्स… आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि के लाखों छात्रों के लिए बुरी खबर है, यहां की मार्कशीट और डिग्री निजी कंपनियों ने ब्लैक लिस्ट कर दी है, विवि की डिग्री देखने के बाद नौकरी देने से इन्कार किया जा रहा है। सलेक्शन होने के बाद विवि की डिग्री देख नौकरी देने से इन्कार करने पर एक युवक ने कुलसचिव को ईमेल किया है, इस तरह की तमाम शिकायतें आ रही हैं।
डॉ भीमराव अंबेडकर विवि आगरा आगरा विवि में पिछले कुछ सालों से बीएड, बीएससी एग्रीकल्चर, बीटेक और एमबीबीएस की फर्जी डिग्री पकडी जा चुकी हैं। इन मामलों की एसआईटी जांच कर रही है। विवि की फर्जी डिग्री और मार्कशीट पकडी जाने के बाद निजी कंपनियों ने नौकरी देने से इन्कार कर दिया है। विवि के आगरा कॉलेज से 2008 में बीए प्राइवेट कर चुके दिल्ली निवासी राजेश रौतान ने कुलसचिव केएन सिंह को मेल किया है। इस मेल में उन्होंने लिखा है कि उन्होंने विवि से बीए किया था, इसके बाद से वे दिल्ली में नौकरी कर रहे थे। सात साल का अनुभव है, उन्होंने प्रमोशन के लिए एक बडी कंपनी में आवेदन किया, कई राउंड के इंटरव्यू के बाद उनका सलेक्शन हो गया।
होल्ड पर रखा गया
कई राउंड के इंटरव्यू में सलेक्शन होने के बाद 9 अक्टूबर को ज्वाइन करने के लिए कहा गया।
इसके साथ ही हाईस्कूल से लेकर ग्रेजूएशन तक का रिकॉर्ड आॅनलाइन दर्ज कराया गया। इसमें उन्होंने बीए अंबेडकर विवि, आगरा लिखा, उन्हें बताया गया कि जहां से बीए किया है, वह यूनिवर्सिटी ब्लैक लिस्टेड है, इसलिए ज्वाइनिंग नहीं कर सकते हैं, अभी होल्ड पर रखा गया है।
थर्ड पार्टी से कराया जा रहा सत्यापन
विवि की मार्कशीट से आवेदन करने वाले युवकों का सत्यापन निजी कंपनियां थर्ड पार्टी से करा रही हैं, इसमें तमाम फर्जी डिग्री और मार्कशीट पकडी गई हैं, इसके बाद से निजी कंपनियों ने अंबेडकर विवि की मार्कशीट को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। विवि के पीआरओ डॉ गिरजा शंकर शर्मा का कहना है कि अंबेडकर विवि को निजी कंपनी द्वारा ब्लैक लिस्टेड करने की शिकायत मिली है, विवि की छवि को सुधारने के लिए बडे स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं।