आगरालीक्स..फिजिकल से लेकर मेंटल तक फिटनेस का पासवर्ड है पेट, आगरा गैस्ट्रो लिवर सेंटर के सीनियर गैस्टोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत चौहान से जानें क्या है माइक्रोबायोम ?
आगरा में लोगों की खराब जीवनशैली उन्हें शरीर ही नहीं मेंटली भी अनफिट बना रही है। क्या आपको पता है कि आपकी आंतों में पनपने वाले खराब बैक्टीरिया केवल पेट की बीमारियों तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि ह्दय, किडनी और लिवर रोग से लेकर बढ़ता डिप्रेशन और एंग्जाइटी तक खराब खान—पान की वजह से हो सकता है। आगरालीक्स ने इस बारे में आगरा के सीनियर गैस्टोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत चौहान विस्तार से बात की।
डॉ. चौहान ने बताया कि हमारे पेट में लाखों करोड़ों बैक्टीरिया होते हैं, जिन्हें माइक्रोबायोम कहा जाता है। कुछ हाल की रिसर्च और हेल्थ ट्रेंड्स बताते हैं कि ये सिर्फ खाना पचाने में मदद नहीं करते बल्कि इनमें इतनी क्षमता है कि यह आपके सोचने की क्षमता और इमोशनल बैलेंस तक को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं। जब भी हम डिप्रेशन, एंग्जायटी या स्ट्रेस की बात करते हैं, तो हमारा ध्यान केवल दिमाग, हार्मोन या लाइफस्टाइल तक ही जाता है।
वहीं अब कुछ एडवांस लोग जो अक्सर हेल्थ ट्रेंड्स पर रखते हैं वे गट हेल्थ को ट्रैक करके डिप्रेशन और एंग्जायटी को मैनेज करने लगे हैं। हमारे पेट और दिमाग के बीच एक खास तरह का नेटवर्क होता है। माइक्रोबायोम से निकलने वाले केमिकल्स जैसे सेरोटोनिन और डोपामिन मूड को प्रभावित करते हैं। लगभग 90 प्रतिशत सेरोटोनिन, जो हैप्पी हार्मोन कहलाता है, गट में ही बनता है। इसका मतलब ये हुआ कि अगर गट हेल्थ खराब है तो एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
अपनी गट हेल्थ को कैसे सुधारें ?
अब ऐसे डिजिटल टूल्स आ गए हैं जो आपकी माइक्रोबायोम प्रोफाइल बताते हैं। इसके अलावा आप नोट कर सकते हैं कि कौन-सा खाना खाने से वे अच्छा महसूस करते हैं और कौन सा खाना खाकर पेट खराब होता है। वहीं प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। दही, कांजी, अचार अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं। फल, सब्जियां, साबुत अनाज पेट की सफाई और बैलेंस करते हैं। जबकि प्रोसेस्ड फूड और शुगर को अवाइड करना चाहिए। योग और मेडिटेशन जैसी चीजें भी पेट स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करती हैं।
गट हेल्थ खराब होने के संकेत
आप बार-बार थकान, उदासी या बेचैनी, बार-बार पेट खराब होना, गैस, अपच और ब्लोटिंग, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी और थकान, बार-बार एंग्जायटी महसूस होना जैसे लक्षण महसूस होते हों तो पेट की तरफ ध्यान दें।
- Agra Gastro Liver Centre
- Agra headlines
- Agra hindi news
- Agra latest news
- Agra Live news
- Agra News : Senior Gastroenterologist Dr. Vineet Chauhan explained: What is the microbiome?
- agra online news
- Agra today news
- Agra update news
- best doctors in agra
- best gastroenterologist in agra
- Dr. Vineet Chauhan Agra
- Raghunath Medical Complex in agra
- Top 10 Gastroenterologist in Agra
- top doctors in agra
- top gastroenterologist in agra