आगरालीक्स…आगरा में फूड प्रोसेसिंग उद्योग की विकास यात्रा और भविष्य के रोडमैप पर हुआ मंथन. सीएफपीआईए के विशेष सत्र में विशेषज्ञों ने रखे विचार
"अन्न ब्रह्म है और अन्न का प्रसंस्करण राष्ट्र निर्माण है", इसी मूल भावना के साथ चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (सीएफपीआइए) द्वारा गुरुवार को होटल होलीडे इन में "फूड प्रोसेसिंग उद्योग : विकास यात्रा एवं भविष्य का रोडमैप" विषय पर एक विशेष विचार मंथन सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लेकर उद्योग की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों, सरकारी योजनाओं तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार, चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, सीएफपीआईए के अध्यक्ष राजकुमार भगत, कन्वीनर मनीष अग्रवाल रावी, आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के महासचिव राजीव बंसल, अनुज सिंघल, मनोनीत पार्षद अमित अग्रवाल पारुल, खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण विभाग के प्राचार्य लोकेश सेंगर, सीए आरके जैन, सुनील कुमार( स्टेट बैंक ऑफ इंडिया), नितिन अग्रवाल एवं आशीष गर्ग द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

किसान को लाभ, उपभोक्ता को गुणवत्ता और उद्यमी को अवसर
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग कृषि और उपभोक्ता के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। किसान को लाभ, उपभोक्ता को गुणवत्ता और उद्यमी को अवसर प्रदान करना ही चैंबर का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग भारत को वैश्विक खाद्य महाशक्ति बनाने की क्षमता रखता है और इसी दिशा में यह विशेष विमर्श आयोजित किया गया है।
सरकार की योजनाओं से उद्योग को मिल रही नई गति
खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण विभाग के प्राचार्य लोकेश सेंगर ने उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमइ) की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक आकर्षक योजनाएं संचालित कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि पीएमएफएमइ योजना के अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी तथा अधिकतम 10 लाख रुपये तक का पूंजीगत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत 35 से 50 प्रतिशत तक तथा अधिकतम 5 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में 14 आधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें आगरा के डौकी स्थित केंद्र का विशेष महत्व है।
कोल्ड चेन और सौर ऊर्जा से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता
उद्योग विशेषज्ञ सीए आरके जैन ने कहा कि यदि कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को एकीकृत किया जाए तो उद्यमी 10 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को सरकार विशेष प्रोत्साहन दे रही है, जिसमें महिला उद्यमियों को 90 प्रतिशत तक तथा पुरुष उद्यमियों को 50 प्रतिशत तक का अनुदान उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के अंतर्गत ब्याज पर 6 प्रतिशत तक की छूट भी दी जा रही है।
आगरा का पेठा बनेगा वैश्विक ब्रांड
लघु उद्योग भारती के महासचिव राजीव बंसल ने कहा कि आगरा का विश्वप्रसिद्ध पेठा आने वाले समय में देश के प्रतिष्ठित ब्रांडों की श्रेणी में स्थान प्राप्त कर सकता है। आवश्यकता केवल गुणवत्ता, नवाचार और प्रभावी ब्रांडिंग की है। आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी विभाग उद्यमियों की सहायता और जागरूकता के लिए लगातार अभियान चला रहा है, जिससे उद्योगों को बेहतर कारोबारी वातावरण प्राप्त हो रहा है।

एक जिला एक व्यंजन योजना से मिलेगा नया अवसर
संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार ने कहा कि "एक जिला एक उत्पाद" योजना की अभूतपूर्व सफलता के बाद प्रदेश सरकार ने "एक जिला एक व्यंजन" योजना प्रारंभ की है। इसके माध्यम से स्थानीय खाद्य उत्पादों की पहचान, गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ और विपणन क्षमता को बढ़ाया जाएगा। सरकार छोटे कारीगरों और उद्यमियों को प्रशिक्षण, सब्सिडी तथा विपणन सहायता भी उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने उद्यमियों से आग्रह किया कि वे अपने सुझाव सरकार तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों को इस योजना में शामिल किया जा सके।
गुणवत्ता और अनुपालन से ही बनेगा बड़ा ब्रांड
चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि किसी भी उत्पाद को वैश्विक ब्रांड बनाने के लिए गुणवत्ता और अनुपालन सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। यदि उद्योग मानकों के अनुरूप कार्य करेगा तो कोई भी स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के राजेश गुप्ता ने खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों की जानकारी देते हुए उद्यमियों से निर्धारित मानकों का पालन करने का आह्वान किया।
कर व्यवस्था पर भी हुई चर्चा
सीए निखिल गुप्ता ने खाद्य व्यवसाय से जुड़े कर ढांचे पर चर्चा करते हुए कहा कि रेस्टोरेंट में भोजन करने पर जहां 5 प्रतिशत कर लागू होता है, वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाओं पर अपेक्षाकृत अधिक कर भार देखने को मिलता है। उन्होंने इस विषय पर संतुलित नीति की आवश्यकता बताई।
फूड प्रोसेसिंग ही भारत को दिलाएगा वैश्विक नेतृत्व
कार्यक्रम के समापन पर कन्वीनर मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि आज पूरी दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है, लेकिन भोजन के बिना विकास की कोई भी परिकल्पना अधूरी है। भारत विश्व को भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विकास चतुर्वेदी, आकाश चतुर्वेदी, सिद्धार्थ अग्रवाल, मोहित गर्ग, शैलेंद्र अग्रवाल, नितिन गोयल, राजेश कुमार अग्रवाल, संजय दीक्षित, पवन कुमार गुप्ता, मनीष सिंघल, अभिनव रस्तोगी, शशांक वर्मा, विकास चतुर्वेदी, विवेक अग्रवाल, अभिषेक पोद्दार सहित बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि एवं उद्यमी उपस्थित रहे। दिलीप कुमार, अपरार्क शर्मा, अनिल कुमार सविता ने व्यवस्था संभाली