आगरालीक्स…आगरा के उद्यमियों को ‘भारत एक्सपोर्ट समिट 2026’ में मिला सम्मान. यूपी के हस्तशिल्प और लेदर उत्पादों में निर्यात की असीम संभावनाओं को गिनाया
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय एवं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सहयोग से राजधानी दिल्ली के होटल हॉलिडे इन, मयूर विहार में आज "भारत का सबसे बड़ा निर्यात आयोजन - भारत एक्सपोर्ट समिट 2026" का भव्य आयोजन किया गया। एमएसएमई संपर्क के तत्वावधान में आयोजित इस दूसरे संस्करण का मुख्य उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती की ओर से प्रदेश सचिव मनीष कुमार अग्रवाल, आगरा जिला उपाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल सहित आधा दर्जन से अधिक आगरा के उद्यमियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में मनीष कुमार अग्रवाल उपस्थित रहे। इस दौरान मंच पर मनीष अग्रवाल एवं शैलेश अग्रवाल को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
उद्घाटन के पश्चात आयोजित प्रथम सत्र "सरकारी निर्यात पहल" का पैनल चर्चा काफी चर्चित रहा। इस पैनल में प्रमुख वक्ताओं के रूप में डॉ. आर.के. भारती, संयुक्त निदेशक एमएसएमई, पद्मा जायसवाल आईएएस, राकेश चौधरी क्षेत्रीय निदेशक टेक्सप्रोसिल और मनीष अग्रवाल शामिल थे। सत्र का संचालन डॉ. ममता बिनानी, अध्यक्ष भारत एक्सपोर्ट समिट ने किया। पैनल चर्चा के दौरान मनीष अग्रवाल ने प्रमुखता से कहा कि "भारत के हस्तशिल्प उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान रखते हैं। विशेषकर उत्तर प्रदेश के आगरा का चमड़ा, कारपेट, संगमरमरी हस्तशिल्प और फिरोजाबाद का ग्लासवेयर विश्व भर में प्रसिद्ध है। भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विदेश व्यापार नीति 2023, जिला निर्यात केंद्र और एक जिला एक उत्पाद जैसी योजनाओं से इस क्षेत्र को नई गति मिलेगी।"
उन्होंने मंच से उत्तर प्रदेश में निर्यात की असीम संभावनाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि "उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का बड़ा आधार है। यदि हमें 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य पाना है तो आगरा, मुरादाबाद, भदोही, कानपुर जैसे शहरों को निर्यात केंद्र के रूप में और मजबूत करना होगा।" इस दौरान अन्य राज्यों - कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पांडिचेरी, दिल्ली, हरियाणा से आए उद्यमियों ने भी उत्तर प्रदेश के महत्व और इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। सभी ने माना कि प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, कच्चा माल और कुशल कारीगरों की उपलब्धता इसे निर्यात का पावरहाउस बना सकती है। एफआईईओ (फिओ) के उत्तरी क्षेत्र के प्रमुख आशीष जैन ने सरकार की आरओडीटीईपी, पीएलआई, विदेश व्यापार नीति 2023 और रुपया निपटान जैसी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि कैसे छोटे उद्यमी इनका लाभ उठाकर निर्यात बढ़ा सकते हैं। समिट में एमएसएमई मंत्रालय, एफआईईओ, टेक्सप्रोसिल, एशियन-अफ्रीकन चैंबर सहित कई संस्थाएं सहायक सहयोगी के रूप में शामिल थीं।