आगरालीक्स…आगरा में छतरी के नीचे केसरिया पोशाक में बिराजे श्रीठाकिर मथुराधीश जी महाराज. प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में पुरुषोत्तम मास के दौरान आज मनाया गया वामन जयन्ती उत्सव
पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में भगवान श्रीविष्णु के वामन अवतार की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। वामन जयंती महोत्सव के अंतर्गत विशेष पूजन, अभिषेक, भजन-कीर्तन तथा धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में वैष्णव भक्तों ने भाग लिया। ठाकुर जी को वामन वेश में छतरी के नीचे केसरिया रंग की पोशाक के साथ श्रंगारित किया गया। महोत्सव का शुभारंभ मंगला आरती के साथ हुआ। मंदिर को रंग-बिरंगे पुष्पों, बंदनवारों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया था। भगवान वामन की मनोहारी झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। बाल वामन के रूप में सजे ठाकुरजी के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर के महन्त नन्दम श्रोत्रिय ने वामन अवतार की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान विष्णु ने त्रेता युग में वामन रूप धारण कर राजा बलि के अहंकार का निवारण किया था और धर्म की स्थापना की थी। वामन अवतार हमें विनम्रता, दानशीलता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व माना गया है और इस मास में किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। कहा यह मास आत्मशुद्धि, सेवा और भक्ति का संदेश देता है। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया। भगवान के भजनों पर भक्तिभाव से झूमते रहे। मंदिर परिसर में पूरे दिन आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से जुगल श्रोत्रिय पुष्पलता, जवाहरलाल खंडेलवाल, संजीव, मनोज, ब्रजेश, निखिल, शिवाशीषस राघव आदि उपस्थित थे।