आगरालीक्स…आगरा मूव्स बेटर—2026 को लेकर पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने कराई हड्डियों की कमजोरी, Vitamin-D की कमी, जोड़ों के दर्द, पैरों में सुन्नपन की जांच. एओएस ने निशुल्क जांच कर अच्छी सेहत के टिप्स भी दिए.
आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी के शहरव्यापी जन-स्वास्थ्य अभियान “आगरा मूव्स बेटर–2026” के अंतर्गत रविवार को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के लिए निःशुल्क अस्थि एवं तंत्रिका स्वास्थ्य जाँच तथा मुद्रा-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 200 पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारजनों ने विभिन्न जाँचों, विशेषज्ञ परामर्श और स्वास्थ्य-जागरूकता सत्र का लाभ उठाया। उपलब्ध शिविर अभिलेखों के अनुसार 100 लाभार्थियों की एड़ी आधारित Bone Mineral Density (BMD) screening की गई। इसके अतिरिक्त पैरों की तंत्रिका एवं स्पर्श-संवेदना की जाँच की गई तथा आवश्यकता के आधार पर चयनित 60 लाभार्थियों की Vitamin-D जाँच निःशुल्क कराई गई।शिविर में पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के लिए सही मुद्रा और रीढ़ की सुरक्षा पर विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें सही ढंग से बैठने एवं खड़े होने, मोबाइल और कंप्यूटर के सुरक्षित उपयोग, नियमित stretching, दैनिक व्यायाम तथा गर्दन और कमर दर्द से बचाव के सरल उपाय बताए गए। मेडिकल कॉलेज से डॉ. नीरज एवं डॉ. विवेक तथा AOS की ओर से अभियान के चेयरमैन डॉ. डी. वी. शर्मा और सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने लाभार्थियों की जाँच कर व्यक्तिगत चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया।
हड्डियों की कमजोरी, Vitamin-D की कमी, जोड़ों के दर्द, पैरों में सुन्नपन तथा तंत्रिका संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार के बारे में जागरूक किया गया। पुलिस हॉस्पिटल की डॉ. सुनीता उपेंद्र ने चिकित्सा समन्वय में महत्त्वपूर्ण सहयोग दिया। आगरा पुलिस की ओर से पूजा एवं राजेश कुमार तथा AOS कार्यालय सहायक टोनी ने पंजीकरण, समन्वय और शिविर व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया। डॉ. डी. वी. शर्मा ने कहा कि समय पर screening, उचित व्यायाम और विशेषज्ञ सलाह से हड्डी एवं तंत्रिका संबंधी अनेक समस्याओं की शीघ्र पहचान तथा रोकथाम संभव है।
आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी ने शहर के विद्यालयों, महाविद्यालयों, अस्पतालों, उद्योगों, कार्यालयों, सामाजिक संस्थाओं, सेवा संगठनों, RWAs, NGOs, मीडिया एवं CSR संस्थाओं से “आगरा मूव्स बेटर–2026” से जुड़कर अपने समुदायों में ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने का आह्वान किया है।