आगरालीक्स… आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि के परीक्षाओं में सामूहिक नकल पर नकेल कस दी है। कुलपति डॉ अरविंद दीक्षित ने ऐसा प्लान तैयार किया है कि मुख्य परीक्षा से लेकर प्रायोगिक परीक्षा में नकल और फर्जीवाडा नहीं हो सकेगा।
अंबेडकर विवि, आगरा की परीक्षाएं मजाक बन चुकी हैं, बेखौफ होकर नकल के साथ ही छात्रों को खुलकर नंबर दिए जा रहे हैं। ऐसे में विवि प्रशासन ने प्लान तैयार किया है। मार्च 2018 में होने वाली मुख्य परीक्षा से पहले जनवरी में प्रायोगिक परीक्षाएं कराई जा रही हैं। प्रायोगिक परीक्षाओं से ही सख्ती की जाएगी, जिससे मुख्य परीक्षा में नकल न हो।
आठ जनवरी से सात फरवरी तक प्रैक्टिकल
विवि के बीए, बीएससी और बीकॉम के छात्रों के प्रैक्टिकल आठ जनवरी से सात फरवरी तक होंगे। जबकि एमए, एमएससी और एमकॉम की प्रायोगिक परीक्षाएं आठ से 15 फरवरी तक होंगी।
80 फीसद से अधिक अंक पर स्क्रीनिंग
विवि की प्रायोगिक परीक्षा में परक्षकों को लिफाफे देकर 90 फीसद अंक देने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में सत्र 2018 की परीक्षा के लिए नई व्यवस्था की गई है, जिन छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा में 80 फीसद से अधिक अंक दिए जाएंगे, उनकी अवार्डलिस्ट एक अलग लिफाफे में रखी जाएगी, उस पर एक दर्ज किया जाएगा। वहीं, जिन छात्रों के 80 फीसद से कम अंक होंगे उनके लिफाफे पर बी लिखा जाएगा। 80 फीसद से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा की स्क्रीनिंग की जाएगी, जिससे यह पता चल सकेगा कि पैसे लेकर नंबर तो नहीं दिए हैं।
सेंटर पर सीसीटीवी होगी निगरानी
विवि की मुख्य परीक्षा के लिए वही सेंटर बनाए जाएंगे, जहां सीसीटीवी होगा। परीक्षा के दौरान सीसीटीवी पर नजर रखी जाएगी, जिससे पता चल सके कि छात्र नकल तो नहीं कर रहे हैं।