आगरालीक्स…आगरा के मनकामेश्वर मंदिर में श्रीनाथ जी महाराज के छठी उत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब. श्री महंत योगेश पुरी ने की आरती एवं मधुराष्टक पाठ के साथ उत्सव की शुरुआत…
सावन मास की पावन बेला में श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर, रावतपाड़ा में श्रावण मास के विशेष अनुष्ठान करने वाले भक्त परिवारों द्वारा श्रीनाथ जी महाराज का छठी उत्सव एवं प्रसादी समारोह बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में आयोजित किया गया। मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर श्रीनाथ जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। उत्सव का शुभारंभ श्री महंत योगेश पुरी एवं मठ मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी द्वारा श्रीनाथ जी महाराज की विधिवत आरती के साथ किया गया। इसके पश्चात श्रद्धापूर्वक मधुराष्टक का पाठ हुआ। मधुराष्टक के मधुर और भक्तिमय स्वरों से मठ मंदिर परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठा।

इस अवसर पर श्री महंत योगेश पुरी ने कहा कि सावन मास भारतीय सनातन परंपरा में विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व रखता है। श्रावण मास में श्रद्धा और विश्वास के साथ किए जाने वाले पूजा-अनुष्ठान मनुष्य के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मिक शांति और धार्मिक चेतना का संचार करते हैं। श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर की प्राचीन धार्मिक परंपराएं श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति और आस्था से निरंतर जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में सेवा, संस्कार, सद्भाव और मानवता के भाव को मजबूत करती है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मठ मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की भव्य श्रृंखला के सफल आयोजन के पश्चात अब मठ मंदिर प्रशासन द्वारा आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। आने वाले समय में शक्ति आराधना एवं श्री रामलीला महोत्सव को भव्य और श्रद्धापूर्ण स्वरूप प्रदान करने की दिशा में व्यापक तैयारियां की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस धार्मिक श्रृंखला में सबसे पहले 1 अक्टूबर को गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर में मठ मंदिर द्वारा भव्यता के साथ बनवाए गए वानप्रस्थ आश्रम का लोकार्पण किया जाएगा। यह आश्रम धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित होगा। वानप्रस्थ आश्रम में वरिष्ठ नागरिक अपने जीवन के अनुभवों से युवा पीढ़ी को मार्गदर्शित करेंगे और स्वयं को विभिन्न सेवा कार्यों के माध्यम से व्यस्त भी रख सकेंगे। हरिहर पुरी ने बताया कि इसके उपरांत 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। श्री रामलीला महोत्सव के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, धर्म, सत्य और लोककल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। मठ मंदिर प्रशासन द्वारा इस महोत्सव की तैयारियां व्यापक स्तर पर की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की पावन लीलाओं का भव्य एवं भावपूर्ण दर्शन प्राप्त हो सके।