आगरालीक्स…..(चमन शर्मा).. आगरा में क्लीन एयर माई राइट कैंपेन शुरू किया गया है, ताजमहल के शहर में प्रदूषण कम होना चाहिए लेकिन यहां का प्रदूषण दिल्ली और एनसीआर से कदम ताल कर रहा है। इस कैंपेन को शुरू करने के साथ ही वरिष्ठ पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता ब्रज खंडेलवाल और उनकी टीम द्वारा प्रदूषण की रोकथाम के लिए सुझाव भी दिए जा रहे हैं। जिससे आगरा की हवा में सूक्ष्म प्रदूषण के कण की मात्रा कम हो सके, यहां रहने वाले लोग और पशु पक्षी को स्वच्छ हवा मिल सके। इस मुहिम से जुडने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से अपील की जा रही है।
एक्यूआई पहुंचा 500
आगरा और मथुरा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तपर पर पहुंच गया है, 5 जनवरी को एयर क्वालिटी इंडेक्ड एक्यूआई 500 रिकॉर्ड किया गया है। ऐसे में कोहरा छाने से स्मॉग के चलते बुजुर्ग और ह्रदय रोगियों के लिए घातक हो सकता है।
आगरा मे हालत बिगडने लगे हैं। यहां संजय प्लेस में एक्यूआई रिकार्ड किया जाता है, बुधवार दोपहर 4. 30 बजे संजय प्लेस आगरा में एक्यूआई 500 रिकॉर्ड किया गया है। यह खतरनाक स्तर पर है, एक्यूआई 200 से अधिक पहुंचने पर घातक होता है। पर्टिकुलेट मेटर पीएम 2. 5 का स्तर 500 तक पहुंचने से अस्थमा के रोगियों को समस्या हो रही है।

खांसते खांसते परेशान
एक्यूआई बढने से सांस उखडने लगी है, सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीज पहुंच रहे हैं। नयति मेडिसिटी के एचओडी डॉ विपुल मिश्रा ने बताया कि पीएम 2. 5 सूक्ष्म कण होते हैं, ये फेंफडों तक पहुंच जाते हैं। इससे अस्थमा, सीओपीडी और सांस संबंधी बीमाारी से पीडित मरीजों की सांस की नस तेजी से सिकुडने लगती हैं, इससे सांस लेने में तकलीपफ होती है और मेडिकल इमरजेंसी के हालात बन जाते हैं। ऐसी स्थिति में अस्थमा और सांस संबंधी बीमारी से पीडित मरीज सुबह और रात को घर से बाहर ना निकलें। मुंह पर एन 95 मास्क लगा सकते हैं। इसके साथ ही बच्चों को भी खतरा रहता है।
हार्ट अटैक का बढा खतरा
हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ मनीष शर्मा का कहना है कि पीएम 2. 5 का स्तर बढने से हृदय रोगियों को भी समस्या हो रही है, इससे हार्ट अटैक की आशंका बढ गई है, खासतौर से ऐसे मरीज जिन्हें पहले से समस्या है, उन्हें अटैक पड सकता है।