आगरालीक्स….आगरा में पूर्व सपा नेता रंजू जादौन के बेटे ने रिवाल्वर से गोली मारकर सुसाइड कर ली। पुलिस छानबीन में जुटी है।
शनिवार की शाम बैंक कालोनी, सुभाष पार्क में रंजू जादौन का परिवार रहता है। पिता की मौत के बाद बड़ा बेटा राजा उर्फ मयंक जादौन कोल्ड स्टोर संभाल रहा है। बहन शिप्रा बाजार गई थी। छोटा बेटा 16 वर्षीय भानु जादौन घर पर अकेला था।
दोस्त को फोन कर मार ली गोली
भानु ने कालोनी में रहने वाले अपने दोस्त मीर चेतानी को फोन मिलाया। उससे कहा कि उसका एक काम कर देना। दोस्त ने पूछा क्या। भानु ने उससे कहा कि घबराएगा तो नहीं। बड़े भाई राजा को बता देना कि वह उससे बहुत प्यार करता था। इसके बाद फोन कट गया। मीर चेतानी घबरा गया। दौड़कर जादौन हाउस पहुंचा। वहां गेट पर नौकर बबलू मिला। उसने उससे पूछा कि भानु कहां हैं। नौकर ने बताया कि ऊपर है। घर में कोई और नहीं है। दोस्त दौड़ता हुआ ऊपर पहुंचा। कमरे में पलंग पर खून से लथपथ भानु का शव पड़ा था। यह देख वह घबरा गया। चीखता हुआ नीचे आया। पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही कोठी मीना बाजार निवासी रंजू के अन्य भाई घटना स्थल पर पहुंचे। सीओ कोतवाली अब्दुल कादिर ने बताया कि शव के पास एक पिस्टल पड़ी मिली। उसे कब्जे में लिया गया है।
रंजू जादौन की हो चुकी है मौत
रंजू जादौन की मौत करीब चार साल पहले हार्ट अटैक से हुई थी। उनकी पत्नी अंजना जादौन अपने मायके में हैं। घर पर तीनों बच्चे अकेले रह रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि मां आगरा से नाता तोड़ना चाहती थीं। बच्चे इन्कार कर रहे थे, परिवार में कई महीने से विवाद चल रहा था। रंजू की पत्नी अंजना जादौन का अपने देवर और जेठ से भी विवाद चल रहा है। पिछले दिनों इस संबंध में लखनऊ में भी एक मुकदमा लिखाया गया था। दोनों बेटों ने मां के खिलाफ बयान दिए थे। उनका लगाव अपने पिता के परिवार से ज्यादा है। भानु भी यही चाहता था कि परिवार आगरा में ही रहे।
लाइसेंसी पिस्टल से की आत्महत्या
जिस पिस्टल से भानु ने खुद को गोली मारी वह लाइसेंसी है। सीओ कोतवाली अब्दुल कादिर ने बताया कि पिस्टल का लाइसेंस केशव के नाम है। वह रंजू के साढ़ू का बेटा है। रंजू ने उसे गोद ले रखा था। उसकी पिस्टल घर पर रहती थी।