आगरालीक्स …आगरा में स्त्री रोग विशेषज्ञों ने पीरियडस बंद होने के बाद की समस्याओं पर चर्चा की। शनिवार को होटल रीट्रीट में आयोजित सीएमई में आगरा मीनोपॉज सोसायटी की सचिव डॉ सविता त्यागी ने बताया कि मीनोपॉज में पीरियड बंद होने के बाद थायरॉयड की समस्या आम है। इससे मोटापा सहित शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, इससे कई तरह की परेशानी होने लगती है। 45 की उम्र के बाद महिलाओं को थायरॉयड की जांच करा लेनी चाहिए। डॉ परिणीता बंसल ने 40 की उम्र के बाद महिलाएं कैसे खूबसूरत दिखें, इस पर चर्चा की। इस दौरान डॉ अलका सारस्वत, डॉ उर्वषी, डॉ वंदना सिंघल, डॉ मधु राजपाल आदि मौजूद रहे।
आगरा की पैडवूमैन
आगरा की पैडवूमेन ने पीरियडस के बारे में खुलकर बात की, बताया कि महिलाओं को हर महीने मेनसेस क्यों होता है।
नवदीप हॉस्पिटल, साकेत कॉलोनी की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अनुपमा शर्मा सालों से छात्राओं से लेकर महिलाओं को पीरियडस के दौरान साफ सफाई के लिए जागरूक कर रही हैं। वे कहती हैं कि मल और मूत्र त्यागने की तरह से ही पीरियडस है ऐसा नहीं है कि पीरियडस हैं तो महिलाएं अपवित्र हैं। वे इस धारण को बदलने के प्रयास में जुटी हैं।
क्यों आते हैं हर महीने पीरियडस
डॉ अनुपमा शर्मा बताती हैं कि 14 साल से पीरियडस आने शुरू हो जाते हैं, यह महिलाओं के गर्भधारण की प्रक्रिया का हिस्सा होता है। हर महीने महिला के गर्भाशय में एक अंडा तैयार होता है, यह टयूब में पहुंच जाता है, गर्भाशय की अंदरूनी परत में खून जमा होता है जिससे अगर अंडे से पुरुष के वीर्य का निषेचन हो जाए तो गर्भ ठहर जाता है और उस खून से शिशु विकसित होने में मदद मिलती है। मगर जब गर्भ नहीं ठहरता है तो यह परत टूट जाती है और उसमें जमा खून माहवारी के रूप में शरीर से बाहर आता है । हर महीने फिर गर्भ की तैयारी होती है और यही चक्र चलता है । यह 25 दिन से 31 दिन तक हो सकता है। 45 साल तक महिलाओं को पीरियडस आते हैं, इसके बाद मीनोपॉज हो जाता है और वह गर्भधारण नहीं कर सकती हैं।
पैड से रख सकती हैं सफाई
अगर महिलाएं माहवारी के दौरान सफाई रखें तो जननांगों में संक्रमण से बच सकती है ।
माहवारी का खून शरीर के अंदर से साफ आता है पर बाहर आकर सफाई की कमी होने से गंदा हो जाता है ।
गंदे खून में खून में कीटाणु जल्दी पनपते है जिनसे जननांगों में संक्रमण हो सकता है ।
महिला को पेशाब में जलन, योनि मार्ग में खुजली, बदबूदार स्राव आना जैसी शिकायतें होती है ।
माहवारी के दौरान सफ़ाई कैसे रखे
साफ पैड या सूती कपड़े का प्रयोग करें
एक पैड या कपड़े को बहुत देर तक प्रयोग न करें, उसे छह घंटे के अंतराल पर बदलते रहें।
(दिन में तीन-चार बार)
गीले कपड़े का प्रयोग न करें, धूप में सूखा साफ धुला सूती कपड़ा ही प्रयोग करें
माहवारी के दौरान भी हर रोज जरूर नहायें व धुले हुए साफ कपड़े ही पहने