Aligarhleaks: शहर के 8 महाविद्यालयों के मध्य हुए इंटर काॅलेज डिबेट कम्पटीशन में आईआईएमटी काॅलेज के भानू प्रकाश व आरिश अहमद विजेता घोषित किए गए। इंस्टीट्यूट आॅफ इन्फोरमेशन मैनेजमेंट एण्ड टैक्नोलाॅजी, अलीगढ़ के “ साहित्यिक क्लब ” के तत्वावधान में आयोजित इंटर काॅलेज डिबेट कम्पटीशन का शुभारम्भ प्रसिद्ध साहित्यकार डाॅ नमिता सिंह, डाॅ मंजू शर्मा , आईआईएमटी के सचिव पंकज महलवार, रजिस्ट्रार डाॅ बिजेंद्र सिंह, प्राचार्य शंभू के.एन.सिंह रावत, इग्नू समन्वयक डाॅ गोविंद वाष्र्णेय, बीएड विभागाध्यक्षा डाॅ अंजू सक्सैना, क्लब कोर्डिनेटर डाॅ सुमनलता गौतम ने दीप प्रज्जवलित कर किया। साहित्यकार डाॅ नमिता सिंह ने कहा कि “ सोशल मीडिया उच्च स्तर की विज्ञान ही है, जिसने दुनिया को एक टच तक सीमित कर दिया है लेकिन सोशल मीडिया एक लत भी है, जिसका गुलाम नहीं बनना चाहिए। ” “ सोशल नैटवर्किंग: वरदान या विष ” विषय पर आईटीएम, आईआईएमटी, मदर टेरेसा वीमेंस पीजी काॅलेज, अल बरकात, विवेकानंद काॅलेज, ज्ञान महाविद्यालय, थ्री डाॅट्स काॅलेज के छात्र-छात्राओं ने पक्ष और विपक्ष में दमदारी से अपने विचार व्यक्त किए। किसी ने सोशल मीडिया को समय की बर्बादी करार दिया तो किसी ने संदेश सम्प्रेषण का सटीक माध्यम कहा। हैकिंग, ब्लू व्हेल गैम, धोखाधड़ी, साम्प्रदायिक शेयर आदि के कारण सोशल मीडिया को विष तथा निर्भया कांड, डिजिटल इंडिया, आॅनलाइन खरीदारी आदि के कारण वरदान के रूप में प्रस्तुत किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता के निर्णायक डाॅ नमिता सिंह व डाॅ मंजू शर्मा ने बताया कि “ पक्ष में आईआईएमटी के भानू प्रकाश को प्रथम, आईटीमएम के सचिन द्वितीय, आईआईएमटी के कपीश तृतीय, कुनाल को सांत्वना पुरस्कार से नवाज़ा गया। विपक्ष में आईआईएमटी के आरिश अहमद को प्रथम, हरवीर द्वितीय, ज्ञान महाविद्यालय की मेघा तृतीय, अल बरकात की साइना को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। डाॅ अंजू सक्सैना ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कपीश ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान इवेंट कोर्डिनेटर कुलदीप गौड, प्रवीन गौड़, डाॅ मुशीर अल्ताफ, नेहा राघव, स्वाति मलिक, आकांक्षा सिंह, डाॅ एस.एफ. उस्मानी, डाॅ अजिता सिंह, प्रो सर्वेश देवी, प्रखर गोयल, सुप्राची शर्मा, राजेश कुमार उपस्थित थे।