आगरालीक्स… आगरा के डीईआई शोध छात्रा नेहा शर्मा हत्याकांड में जल्द निर्णय आएगा, 30 मई से गवाही शुरू होगी, कोर्ट ने आरोपी उदय स्वरूप को सिविल सर्विसेज एग्जाम देने की अनुमति नहीं दी है।
शुक्रवार को अपर जिला जज नवम मोहम्मद असलम सिददकी के कोर्ट में आरोपी द्वारा तीन जून से होने जा रही सिविल सर्विसेज की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, इसे निरस्त कर दिया गया। इस मामले में स्वतंत्र लोक अभियोजक अशोक गुप्ता और वादी के वकील एसएस चौहान ने उदय स्वरूप को सिविल परीक्षा में बैठने के प्रार्थना पत्र का विरोध किया, अदालत ने लिखा कि मुकदमे में आरोप विचरित किया जा चुका है। अतिशीर्घ साक्ष्य सुनिश्चित कर मुकदमे का निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा। इस मामले में अगली सुनवाई 30 मई को होगी।
दयालबाग शिक्षण संस्थान की लैब में 13 मार्च 2013 को नेहा शर्मा की बेरहमी से हत्या हुई थी। लैब में शव मिला था, इस मामले में आरोपी डीईआई का बीएससी का छात्र उदय स्वरूप पिछले डेढ़ साल से जेल में बंद है। सीबीआई ने डीएनए टेस्ट में रेप की पुष्टि के बाद उदय स्वरूप के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। कोर्ट ने लैब असिस्टेंड यशवीर संधू के खिलाफ भी आरोप तय किए थे। नेहा के पिता रिचपाल शर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एक स्वतंत्र लोक अभियोजक उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। वादी की ओर से इसके लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। पूर्व में अदालत ने प्रमुख सचिव न्याय व प्रमुख सचिव गृह उप्र सरकार को डीएम आगरा के माध्यम से स्वतंत्र लोक अभियोजक की नियुक्ति को पत्र भिजवाया था। इस पर उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव संजय खरे ने प्रमुख सचिव गृह को भेजे पत्र में कहा है कि उक्त मामले में प्रभावी पैरवी के लिए पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता को स्वतंत्र लोक अभियोजक के रूप में आबद्ध किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में शासन के अनुसचिव ओमप्रकाश पांडेय ने पूर्व डीजीसी को पत्र जारी किया है।