आगरालीक्स.. आगरा में दीपावली पर प्रदूषण का स्तर बढा, हवा स्वास्थ्य के लिए हनहेल्थी है, मरीजों को परेशानी हो सकती है, रात नौ बजे के बाद से लगातार बम पटाखे चल रहे हैं, बम की लडी जलाने से वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 275 तक पहुंच गया है। इसमें पीएम 2. 5 के साथ ही सल्पफर डाई आॅक्साइड, कार्बन मोनो आॅक्साइड सहित अन्य जहरीली गैसें भी शामिल हैं। इससे अस्थमा के मरीजों की सांस फूलने लगी है।

बुधवार को दीपावली पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए रात आठ बजे से आतिशबाजी शुरू हुई, पॉश कॉलोनी से लेकर बस्तियों में रात 10 बजे के बाद बम पटाखे और लडी की आवाज तेज होती गई, रात 12 बजे तक बम पटाखे चलते रहे। इससे एक्यूआई खराब स्थित में पहुंच गया, रात 10 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 275 दर्ज किया गया, इसका सामान्य स्तर 50 है। वायु प्रदूषण बढने से ह्रदय और अस्थमा रोगियों को बेचेनी होने के साथ ही सांस फूलने लगी।
120 डेसिबल से ज्यादा की ध्वनि
बम पटाखों की ध्वनि भी 120 डेसिबल से ज्यादा रही, इससे कान का पर्दा फटने का डर रहता है। वहीं लगातार तेज ध्वनि में रहने से सुनने की क्षमता भी कम हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
दीवाली के दिन बम पटाखे केवल रात 08 बजे से 10 बजे के बीच छोड़े जा सकेंगे.
क्रिसमस और नए साल के मौके पर फायरक्रैकर्स रात 11.55 से रात 12.30 तक ही छोड़े जा सकेंगे.
केवल वही पटाखे बेचने और छोडने की अनुमति होगी, जो कम धुआं और प्रदूषण फैलाएं. इन पटाखों को केवल लाइसेंसी दुकानों से खरीदा जा सकेगा.
कोर्ट का कहना है कि हमने दीवाली के मौके पर परंपरा को देखते हुए और प्रदूषण के संकट के मद्देनजर संतुलन स्थापित करने की कोशिश की है.