आगरालीक्स ..(शरद माहेश्वरी बिजनेस एडीटर).. आगरा की पायल के बिना करवाचौथ पर सोलह श्रृंगार अधूरा है, यह पायल आगरा से ही देश भर में सप्लाई होती है। आप जानकर हैरान होंगे कि देश भर में करवाचौथ पर सोलह श्रृंगार के लिए महिलाएं महिलाएं जो पायल पहनती हैं वह आगरा में ही बनती हैं। यहां से कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक तैयार पायल और रॉ मेटेरियल सप्लाई होती है।
करवाचौथ पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, इसमें पायल का अलग ही क्रेज है। सालों से महिलाएं पायल पहन रहीं हैं, समय के साथ बदलाव हुए लेकिन पायल का क्रेज कम नहीं हुआ है। नई डिजाइन छोटी और बडी पायल का क्रेज समय के साथ बदलता रहा।
300 से 20 हजार रुपये तक की पायल
आगरा में दो दर्जन से अधिक पायल के बडे कारोबारी हैं, पायल कारोबारी मनोज गुप्ता के अनुसार देश भर में 300 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की पायल की सप्लाई कर रहे हैं। आगरा से दिल्ली, आर्थिक राजधानी मुंबई में पायल की सप्लाई होती है, अव्वल तो यह है कि देश के हर हिस्से में महिलाएं पायल पहनती हैं। आगरा के हजारों लोगों को पायल कारोबार ने रोजगार दिया है, पायल का करोडों का कारोबार है।
आगरा की पायल का है क्रेज
पायल कारोबार से जुडे कारोबारियों का कहना है देश के अन्य शहरों में भी पायल का कारोबार शुरू हुआ लेकिन वह चलन में नहीं आया। आगरा की पायल की कई खूबिया हैं, यहां तैयार होने वाले रॉ मेटेरियल को अन्य शहरों में तैयार करने में सफलता नहीं मिली है। आगरा की पायल मजबूत होने के साथ फैशन के हिसाब से खूब चमकती दमकती हैं।
पायल से संतुलित होता है तापमान
पैरों में सोने की पायल पहनने की मनाही होती है क्योंकि सोने की तासीर गर्म होती है जबकि चांदी की तासीर ठंडी होती है. आयुर्वेद के मुताबिक इंसान का सिर ठंडा और पैर गर्म होना चाहिए. इसलिए शरीर के ऊपरी हिस्से में सोना और पैरों में चांदी पहनी जाती है. इससे सिर से उत्पन्न गर्म ऊर्जा पैरों में और पैरों से पैदा हुई ठंडी ऊर्जा सिर में चली जाती है जिससे पूरे शरीर का तापमान संतुलित रहता है.