आगरालीक्स.. आगरा में एबीवीपी के राष्ट्रीय अधिवेशन से पूर्व केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में गूंजा सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। यहां आगरा कॉलेज मैदान पर बसाए गए गुरु नानक देव नगर में गुरुवार सुबह केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एस सुब्बैया ने राम प्रसाद बिस्मल की कविता
है लिये हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर,
और हम तैय्यार हैं सीना लिये अपना इधर
खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है,
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है। के माध्यम से संदेश दिया कि मुझे मालूम है सरफ़रोशी की तमन्ना हम सब के साथ है और आगे चलेंगे। उन्होंने कहा कि गत महीनों में परिसर इकाई अभियान द्वारा लगभग 30000 परिसर इकाईयों का गठन हुआ है। सिर्फ परिसर इकाई के अध्यक्ष और मंत्री का तालिका होता है तो कम से कम साठ हजार कार्यकर्ता हमारे साथ जुड़े हैं। इसके साथ साथ आयाम गतिविधियाँ, मिशन साहसी और छातावास संपर्क अभियान द्वारा बड़े मात्र में छात्र समाज हमारे संपर्क में आए हैं। अनुच्छेद 370 को हटाने का ऐतिहासिक घटना और राम जन्म भूमि में मंदिर निर्माण के लिए उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद पूरे देश में एक वैचारिक लहरा ऊपर उठकर आया है। ये सब राष्ट्र पुनः निर्माण के कार्य में कैसे भागीदारी होंगे, उसके बारे में हमारे बीच एक विचार मंथन होना है। सुनील आंबेडकर ने बताया कि कार्यसमिति की बैठक के अगले सत्र में जेएनयू प्रकरण एनआरसी मामला अनुच्छेद 370 पूर्वोत्तर में शिक्षा का स्तर राम जन्मभूमि आईआईटी मद्रास में फातिमा की आत्महत्या बीएचयू प्रकरण पर विमर्श होगा।
जेएनयू प्रकरण में वामपंथी देश को तोडने का कर रहे काम
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जेएनयू प्रकरण पर कहा कि छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर एबीवीपी को वामपंथियों के साथ आंदोलन कर रही थी लेकिन जब जेएनयू में भारत के टुकड़े टुकड़े नारे लगने लगे, शिक्षिका को 30 घंटे बंधक बना कर रखा।