आगरालीक्स..किसानों का आंदोलन हुआ तेज. समर्थन में शुरू हुई अवार्ड वापसी. बादल और ढींढसा ने लौटाए पद्म सम्मान.
हाल ही में बने कृषि कानूनों के खिलाफ एक सप्ताह पहले शुरू हुआ किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है. किसानों और सरकार के बीच आज चौथे दौर की बातचीत शुरू हुई, जो समाचार लिखे जाने तक जारी है. इससे पूर्व पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और कहा कि किसान और सरकार बीच का रास्ता निकाले. इधर किसानों की मांगों के समर्थन में अवार्ड वापसी का सिलसिला भी शुरू हो गया है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपना पद्म विभूषण सम्मान तथा अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने अपना पद्म भूषण सम्मान लौटाने की घोषणा की है.
राष्ट्रपति को भेजी चिट्ठी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखे तीन पेज की चिट्ठी में श्री बादल ने कृषि कानूनों का विरोध किया. किसानों पर कार्रवाई की निंदा करते हुए अपना अवार्ड वापस करने का ऐलान किया है. बादल ने पत्र में लिखा है कि मैं इतना गरीब हूं कि किसानों के लिए कुर्बान करने के लिए मेरे पास कुछ नहीं, मैं जो भी हूं किसानों की बदौलत ही हूं. ऐसे में अगर किसानों का अपमान हो रहा है, तो किसी तरह का सम्मान रखने का कोई लाभ नहीं है.
इन्होंने भी की घोषणा
इसके अलावा किसानों की मांगों के समर्थन में पंजाब और हरियाणा के खिलाडियों, कलाकारों और सेना के पूर्व अफसरों ने भी केंद्र सरकार से प्राप्त हुए सभी अवार्ड 7 दिसंबर को लौटाने की घोषणा की है.
अकाली मंत्री दे चुकी हैं इस्तीफा
ज्ञातव्य है कि कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल कोटे से एनडीए सरकार में मंत्री रहीं हरसिमरत कौर मंत्री पद से इस्तीफा दे चुकी हैं. इसके अलावा अकाली दल सुखबीर बादल अकाली दल को एनडीए से अलग हो चुके हैं.