आगरालीक्स… खरमास (मलमास) आज से शुरू हो गया है। इसी के साथ शादी, विवाह आदि मांगलिक कार्यों पर एक माह का ब्रेक लग गया है। खरमास 14 जनवरी तक रहेगा।
विवाह के योग नहीं बनते हैं
सूर्य के बृहस्पति की धनुराशि में गोचर करने से खरमास शुरू होता है। यह स्थिति मकर संक्रांति तक रहती है। इस कारण मांगलिक कार्य नहीं होते हैं, जैसे ही सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो मांगलिक कार्य निषेध हो जाते हैं। इस माह में सूर्य धनु राशि का होता है, जिससे सूर्य का बल वर को प्राप्त नहीं होता है। इस वर्ष खरमास 15 दिसंबर से 14 जनवरी को 8.23 तक रहेगा। वर को सूर्य का बल और वधू को बृहस्पति का बल और चंद्रमा का दोनों को प्राप्त होने पर विवाह का योग बनता है। इस पर ही विवाह की तिथि निर्धारित होती है। इस माह में गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार, मुंडन संस्कार आदि भी निषेध रहते हैं।
खरमास व्रत का महत्व
खरमास में जो व्यक्ति पूरे माह व्रत का पालन करते हैं, उन्हें पूरे एक माह भूमि पर सोना चाहिए, एक समय केवल सादा और सात्विक भोजन करना चाहियए। भगवान विष्णु का पूजन, मंत्र, जाप, कथा, श्रवण करना चाहिए। रामायण या रुद्राभिषेक का पाठ करना चाहिए। खऱमास की समाप्ति पर व्रत का उद्यापन कर दान करना चाहिए।