आगरालीक्स…आगरा में स्कूल संचालक का है कहना—आफलाइन क्लासेस ही बेहतर..बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी के लिए भी जरूरी..लेकिन फिर से कोरोना बन रहा बाधा
एक अप्रैल से नया सेशन शुरू
एक अप्रैल से स्कूलों में नया सेशन 2021—22 शुरू हो गया है लेकिन स्कूल अभी भी बंद हैं. कारण कोरोना के बढ़ते मामले. यूपी सरकार ने फिलहाल 11 अप्रैल तक कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हुए हैं लेकिन जिस हिसाब से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. उस हिसाब से प्रदेश सरकार स्कूलों को बंद रखने की तारीख एक बार फिर से बढ़ा भी सकती है. शनिवार को प्रदेश में कोरोना के तीन हजार से अधिक संक्रमित केस मिले हैं. आगरा में भी कोरोना की रफ्तार काफी तेज है और यहां कोरोना के नये स्ट्रेन के मरीज भी मिल चुके हैं. जिसको लेकर बताया जाता है कि इसका प्रसार काफी तेजी से होता है. ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई को लेकर एक बार फिर स्कूल संचालक और पेरेंट्स टेंशन में आ गए हैं.
बच्चों की पढ़ाई को लेकर पेरेंट्स भी चिंतित
आगरा में बढ़ते मामलों को लेकर स्कूल संचालक और बच्चों के माता—पिता भी टेंशन में हैं. अगर प्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों को बंद रखने के लिए कोई निर्णय लिया जा सकता है तो आगरा के स्कूल संचालक बच्चों की पढ़ाई एक बार फिर से आनलाइन कराने पर जोर दे सकते हैं. पेरेंट्स का कहना है कि पिछले साल की तरह इस साल भी अगर आनलाइन ही पढ़ाई होती है तो ये बच्चों के लिए अच्छी बात नहीं होगी.
बच्चों को तीन दिन स्कूल आने की मिले अनुमति
अप्सा अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता का कहना है कि सरकार द्वारा कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को सप्ताह में तीन दिन विद्यालय आने की अनुमति प्रदान की जाए, जिससे छात्रों के अंदर कुंठा विकसित नहीं हो. हम सभी इस बात से सहमत होंगे कि हमारे देश में आज भी ऐसे बच्चे हैं, जिनके पास ऑनलाइन शिक्षण के लिए आवश्यक स्मार्टफोन, लैपटॉप, कंप्यूटर जैसी सुविधाएँ नहीं हैं. डॉ. गुप्ता ने यह भी कहा कि सरकार को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यम से शिक्षण की अनुमति प्रदान करनी चाहिए क्योंकि विद्यालय न जाने की स्थिति में बच्चों की दिनचर्या पूरी तरह से अव्यवस्थित हो जाती है. उनका अध्ययन और क्रियाकलाप सभी कुछ प्रभावित होता है.