आगरालीक्स…कोरोना ने गायब की शादियों से रौनक. अब ‘आज मेरे यार की शादी’ में नहीं कोई उमंग और न ‘बहारो फूल बरसाओं’ में खुशियां. पढ़ें पूरी खबर
शादियों से उमंग और उत्साह गायब
कोरोनाकाल ने लोगों का उत्साह और उमंग गायब कर दिया है और उन्हें घर पर ही बंद करके रख दिया है. महामारी की चपेट में न आएं इसके लिए लोग बेवजह घर से बाहर नहीं निकल रहे और मास्क पहन रहे हैं. इस कोरोनाकाल ने शादी विवाह के आयोजनों में भी काफी बदलाव ला दिया है. अब न तो विवाहों में कोई रौनक छा रही है और न कोई उत्साह. न तो कोई बैंड बाजा बारात में नाच रहा है और न शहनाइयों की गूंज सुनाई दे रही है. अब विवाह सादगी पूर्ण माहौल में संपन्न होने लगे हैं.
कई पंरपराएं भी गायब
कोरोना महामारी के कारण लोग अब शादी में कोई ज्यादा कार्यक्रम नहीं कर रहे हैं. एक दिन के अंदर ही लग्न, सगाई और शादी जैसे कार्यक्रम हो रहे हैं. महामारी के कारण सदियों पुराने कुछ रिवाज भी लुप्त कर दिए. इस कारण विवाह की रौनक ही गायब हो गई है. शादियों में बैंडबाजों और शहनाई का अपना एक अलग ही महत्व होता है. जब तक बैंड की धुन पर आज मेरे यार की शादी पर डांस नहीं होता था तब तक दोस्तों को मजा नहीं आता था और बहारों फूल बरसाओ की धुन पर वधु पक्ष की जो खुशी उमड़ती थी वो भी कोरोना के कारण गायब हो गई है.
अक्षय तृतीया पर भी टाली शादियां
कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण लोगों ने शादियां भी टाल दी हैं. जिन लोगों के विवाह मई में थे उन्होंने अप्रैल में ही कोरोना के कहर को देखते हुए शादियां टालना उचित समझा. हाल ये है कि अक्षय तृतीया पर जहां अनसूझे विवाह होते थे, वहां लोगों ने अब विवाह टाल दिए हैं. बैंड बाजों की हालत खराब है. उनका कहना है कि शादियों का सबसे बड़ा सीजन कोरोना की भेंट चढ़ गया है. हमारी कई बुकिंग कैंसिल हो गईं.