अलीगढ़लीक्स… । एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने विज्ञान संकाय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आनलाइन विज्ञान उत्सव के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान मानव ज्ञान के रचनात्मक प्रयासों में से एक है और समाज में संस्कृति के विकास के लिए आवश्यक है। विज्ञान के पास लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की शक्ति है। इस उत्सव के आयोजन के लिए छात्रों द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए प्रो मंसूर ने कहा कि एएमयू नए शिक्षा सत्र से दो पाठ्यक्रम-एमएससी डेटा साइंस और एमएससी साइबर सुरक्षा प्रारंभ कर रहा है।
तीन दिवसीय आनलाइन साइंस फेस्ट
तीन दिवसीय फेस्ट का उद्देश्य डेटा साइंस, पायथन और एक्सेल पर ध्यान केंद्रित करते हुए छात्रों को बेहतर नौकरी के अवसर प्रदान करना है। आनलाइन फेस्ट में मुख्य रूप से फ्रेशर छात्र शामिल हुए जिनका आयोजकों ने स्वागत किया।
फेस्ट को संबोधित करते हुए प्रोफेसर काजी मजहर अली (डीन फैकल्टी आफ साइंस) ने कहा कि हमारे पास एक ऐसी प्रणाली होनी चाहिए जो समाज में एक वैज्ञानिक संस्कृति के विकास को महत्व दे। उन्होंने उत्सव के आयोजन के लिए छात्रों और अमुवि के कंप्यूटर सेंटर के प्रयासों की सराहना की।
समय को प्रभावित करने वाले लोग बहुत कम
राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एम मोहिबुल हक ने अपने व्याख्यान में इस बात पर जोर दिया कि समय सभी को प्रभावित करता है लेकिन बहुत कम लोग हैं जो समय को प्रभावित करते हैं और इतिहास के क्रम को बदल देते हैं। सर सैयद वास्तव में उन व्यक्तित्वों में से थे जिन्होंने 19वीं शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास और राजनीति को आकार दिया। उन्होंने कहा कि सर सैयद और अलीगढ़ आंदोलन के उल्लेख के बिना दक्षिण एशिया का इतिहास अधूरा रहेगा।
सर सयैद ने तर्कवादी विचारों के लिए जगह बनाई
एएमयू के जनसंपर्क अधिकारी उमर पीरजादा ने कहा कि सर सैयद एक दूरदर्शी थे जिन्होंने तर्कवादी विचारों के लिए जगह बनाई, शिक्षा को एक नई दिशा दी और आधुनिकतावादी दृष्टिकोण के मानदंड तय किये। सर सैयद के तीन सिद्वांत-विशुद्ध नैतिकता, सहिष्णुता और स्वतंत्र जांच समय की आवश्यकता है। हम जिस समय और युग में रहते हैं उसकी नब्ज को समझे बिना सदियों पुरानी प्रथाओं का पालन करना पूरी तरह से अलीगेरियन संस्कृति के खिलाफ है।
सांख्यिकी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अकील अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि हमें अपने छात्रों को नौकरी उन्मुख पाठ्यक्रम प्रदान करना चाहिए और उन्हें उच्चतम स्तर की योग्यता के साथ प्रशिक्षित करना चाहिए ताकि वह हर जगह उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें। उन्होंने सांख्यिकी और संचालन अनुसंधान विभाग में सत्र 2021-22 से एमएससी कार्यक्रम शुरू करने के लिए वीसी को भी धन्यवाद दिया।
रसायन विज्ञान विभाग के डा मोहम्मद जै़न खान ने छात्रों के लिए सरकारी और कार्पोरेट नौकरियों के साथ-साथ भारत के भीतर और बाहर उच्च शिक्षा के अवसरों सहित विज्ञान में उभरते करियर पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को नवाचार और रोजगार सृजन के लिए युवा उद्यमियों का समर्थन करने के लिए भारत सरकार के प्रमुख स्टार्ट-अप कार्यक्रम के बारे में भी बताया।
डेटा साइंस एक्सेल वर्कशाप दोपहर के सत्र में आयोजित की गई जहां डा मोहम्मद यूसुफ अंसारी असिस्टेंट प्रोफेसर पेट्रोलियम अध्ययन विभाग ने रिसोर्स पर्सन के रूप में भाग लिया। जबकि सांख्यिकी और संचालन अनुसंधान विभाग के प्रोफेसर अकील अहमद ने सत्र की अध्यक्षता की।
कार्यक्रम का आयोजन छात्रों की सक्रिय भागीदारी के साथ किया जा रहा है, जहां कार्यक्रम संयोजक एवं पूर्व कोर्ट सदस्य मोहम्मद खालिद ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। अफ्फान खान ने कार्यक्रम का संचालन किया। इसके अतिरिक्त हयात एम खान, कलीम यू फसीही, शाद ए जैदी, जीशान हसन, अदिया प्रताप और मोहम्मद अजीम ने कार्यक्रम के आयोजन में अहम भूमिका निभाई।