आगरालीक्स..(Agra News 9th August) आगरा में सावन के तीसरे सोमवार पर शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी लाइन, तीसरे सोमवार पर श्री कैलाश मंदिर पर लगता था मेला, दो शिवलिंग।
आगरा के चारों कोनों पर शिवालय हैं और मध्य में रावली और श्री मनकामेश्वर मंदिर है। सावन में हर सोमवार को एक मंदिर पर मेला लगता है, सावन के तीसरे सोमवार पर श्री कैलाश मंदिर में मेला लगता है। मगर, इस बार कोरोना संक्रमण के चलते मेला नहीं लगा है। मगर, सुबह से ही भोलेनाथ का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करने वालों की लंबी लाइन लगी हुई है।
ये है मंदिर की मान्यता
ऐसा माना जाता है कि त्रेता युग में भगवान परशुराम और उनके पिता ऋषि जमदग्नि कैलाश पर्वत पर भगवान शिव की अराधाना करने गए, उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने वरदान मांगने के लिए कहा। ऋषि जमदग्नि और परशुराम ने भोलेनाथ से साथ चलने और साथ रहने का वर मांगा। उन्हें भोलेनाथ ने एक एक शिवलिंग दे दी। वे दोनों यमुना किराने अग्रवन जो अब आगरा है स्थित रेणुका धाम से छह किलोमीटर पहले पहुंचे और रात्रि विश्राम के लिए रुक गए। स्नान करने के बाद वे जलाभिषेक करने पहुंचे तो दोनों शिवलिंग वहीं स्थापित हो गए। उन्होंने शिवलिंग को उठाने का प्रयास किया लेकिन उठा नहीं पाए। उन्होंने शिवलिंग को यहीं स्थापित कर दिया और तभी से कैलाश मंदिर नाम पड गया।