आगरालीक्स… आगरा में खेलने कूदने की उम्र में बालिका ने बच्ची को जन्म दिया है, नाबालिक बालिका अविवाहित है और उसके साथ रिश्ते के भाई ने संबंध बनाए थे, बच्ची को जन्म देने के बाद हॉस्पिटल संचालक ने पुलिस को सूचना दे दी।
आगरा के एक गांव की बालिका को ट्रांस यमुना स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां बच्ची के पेट में दर्द था, प्रसव पीडा के बाद बालिका ने बच्ची को जन्म दिया। हॉस्पिटल संचालक ने कम उम्र की बालिका की शादी के बारे में पूछा तो परिजनों ने बताया कि अभी शादी नहीं हुई है।
रिश्ते के भाई ने बनाए संबंध
बालिका के परिजनों का कहना है कि उसके रिश्ते के भाई ने ही संबंध बनाए थे, रिश्ते के भाई से संबंध बनाने के चलते परिजनों ने भी चुप्पी साध रखी हैै। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
कम उम्र में मां
बालिका कम उम्र में मां बन गई, वह बच्ची को कलेजे से लगाए हुए है, सामाजिक ताने वाले में बालिका के लिए बच्ची को साथ रखना मुश्किल है। इसे लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं। परिजन कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, पुलिस छानबीन के बाद कार्रवाई करेगी।
24 नवंबर 2016 को सडक किनारे मिली नन्हीं परी
जिस मां ने गर्भ में नौ महीने तक पाला, उस नन्हीं परी को आगरा में मरने के लिए सर्द रात में सडक किनारे फेंक दिया, उसे एक युवक ने उठा लिया, वह चाहता कि बिटिया उसके घर रहे, लेकिन पुलिस ने उसे चाइल्ड लाइन संस्था को सौंप दिया है। कानूनी औपचारिकता के बाद नवजात को सौंपा जाएगा।
एत्माद्दौला के नुनिहाई में 24 नवंबर 2016 को रात 12 बजे दो बाइक सवार एक नवजात कन्या को सड़क किनारे फेंककर भाग गए। कपड़ों में लिपटी नन्हीं परी को फेंकते हुए नगला विहारी निवासी हरीशंकर ने देख लिया। वह भागकर गया और देखा तो एक सुंदर नन्हीं से नवजात शिशु पड़ी थी। हरीशंकर की दस साल पहले सपना से शादी हुई थी। उसके कोई संतान नहीं थी। बच्ची को जिंदा देखकर उसे बेटी के रूप में पालने का सपना सजा लिया। खुशी में झूमते हुए वह नवजात को लेकर घर पहुंच गया। इससे उसकी जान बच गई। कुछ ही घंटे बाद पुलिस को जानकारी मिल गई। इसके बाद पुलिस चाइल्ड लाइन संस्था के कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंच गई। पुलिस ने बालिका को चाइल्ड लाइन संस्था की सुपुर्दगी में दिला दिया। इसके बाद ट्रक चालक मायूस हो गया। हरीशंकर का कहना है कि वह बालिका को लेने के लिए कानूनी औपचारिकता पूरी करने को भी तैयार है।
फाइल फोटो