आगरालीक्स….आगरा की 26 साल की रंगकर्मी काजल गुप्ता का कोरोना से निधन. भगत की पहली महिला खलीफा थीं काजल. पिछले साल ही हुई थी, शादी इस समय थी गर्भवती
‘भगत’ की पहली महिला ख़लीफ़ाओं में एक, काजल गुप्ता को कोविड निगल गया। वह 26 साल की थी। ऑक्सीजन की कमी के चलते उसने आज दोपहर दिल्ली में अपने पति के समक्ष अंतिम सांस ली। काजल 9 साल पहले ‘रंगलीला’ से जब जुड़ी तब वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। हिमानी चतुर्वेदी और नेहा यादव के बाद वह तीसरी महिला कलाकार थीं जिसने ख़लीफ़ा फूलसिंह यादव से ‘भगत’ का प्रशिक्षण लिया। वह अद्भुत अभिनेत्री थीं। अभिनय की दीक्षा उन्होंने आगरा के वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल शुक्ल से ली थी.। ‘रंगलीला’ में भगत का अभिनय करने के साथ-साथ वह प्रबंधन सँभालने का काम भी बड़ी मुस्तैदी से करती थी।
वह स्वयं लोअर मिडिल क्लास में जन्मी, पली और पढ़ी-लिखी थी। उनके पिता घटिया आज़म ख़ा चौराहे के पास चाउमीन का ठेला लगाते थे। अपने बच्चों को उन्होंने खूब पढ़ाया-लिखाया और हर प्रकार की स्वतन्त्रता दी। ‘काजल दीदी’ बस्ती के बच्चों और किशोरों के बीच बड़ी लोकप्रिय थी।
गत वर्ष फ़रवरी में उनके माता-पिता ने उनका विवाह दिल्ली के युवक आनंद के साथ संपन्न किया था । वह अपने दाम्पत्य जीवन में सुखी थी। वह अपने पति से बेहद प्रेम करती थी और आनंद उससे। उसके विवाह में बड़ी संख्या में रंगकर्मी मौजूद थे। वह इन दिनों गर्भस्थ थी और अप्रैल अंत में उन्हें आगरा आना था। काजल गुप्ता के निधन पर आगरा के वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल शुक्ल, योगेंद्र दुबे ने शोक जताया है.