आगरालीक्स ..आगरा में एयरपोर्ट होना चाहिए, इससे पर्यटन उद्योग बढाने और युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। दुनिया के किसी भी शहर में तीन वल्र्ड हेरिटेज इमारतें नहीं हैं। एत्माद्दौला व सिकन्दरा प्रस्तावित हैं। इसके बावजूद भी हम इसका लाभ नहीं उठा पा रहे। नाइट लाइफ को बढ़ाना होगा, जिसमें एत्माद्दौला से ताज तक रिवर क्रूज, नाइट बाजार जैसे कई प्रस्ताव हो सकते हैं। रिवर क्रूज का की योजना सफल हुई तो यह दुनियां की सबसे खूबसूरत साइट होगी।
आगरा आर्केटेक्ट एसोसिएशन के वार्षिकोत्सव में यह बात संस्थापक सचिव सीएस गुप्ता ने रखी। कहा हमारे मार्बल व जरी के धागों की पेंटिंग का आर्थिक लाभ अन्य शहर उठा रहे हैं। संस्थापक अध्यक्ष शशि शिरोमणी ने कहा कि आगरा छोटे-छोटे कस्बों के रूप में यमुना के उत्तरी भाग में था। दक्षिण क्षेत्र को अकबर ने बसाया। यहां अलग-अलग टीले थे। जिन्हें जोड़ने का काम ब्रिटिश काल में हुआ। शहर में नहरों का जाल बिचा था, जो आज नाले बन गईं हैं।
स्थापना दिवस पर सदस्यों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। संचालन शशि शिरोमणी ने किया। अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष ध्रुव कुलश्रेष्ठ व धन्यवाद ज्ञापन सचिव स्मृति जैन ने दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अश्वनि शिरोमणी, सौरभ सक्सेना, गौरव शर्मा, किरन गुप्ता, आराधना शर्मा, विजेन्द्र सिंह, बीके शर्मा, अश्वनी शर्मा, अंकुर मांगलिक, स्मृति जैन, सुधांशु जैन, अश्वनी गुप्ता आदि उपस्थित थे।
वास्तुकारों की यूपी की पहली संस्था है आर्केटेक्ट एसोसिएशन
आगरा आर्केटेक्ट एसोसिएशन वास्तुकारों की यूपी की पहली संस्था है। जिसकी स्थापना 1972 में हुई और पहली कार्यशाला 1973 में आयोजित की गई। शशि शिरोमणी व सीएस गुप्ता ने बताया कि बिना वास्तुकारों की मदद के शहर को स्मार्ट सिटी नहीं बनाया जा सकता। कंगूरे और जालियां आर्केट्क्ट नहीं। प्लानिंग महत्वपूर्ण है। अवैध निर्माण हो रहा है। शहर के हित में प्रशासन को हमारे पास आना होगा और सुझावों व प्रस्तावों को मानना भी होगा। विदेशों में इमारतों पर वास्तुकारों के नाम लिखे होते हैं। लेकिन भारत में ऐसा नहीं। इसके लिए एसोसिएशन को मजबूत बनना होगा।