आगरालीक्स… आगरा के आंबेडकर विवि में कॉपी चेक किए बिना ही आगरा कॉलेज के शिक्षक ने नंबर दे दिए। परीक्षा समिति ने माना है कि परीक्षक ने उत्तर पुस्तिका में लिखे गए उत्तरों को पढ़ा ही नहीं है। परीक्षक को के कार्य से विरत किया।
आंबेडकर विवि से छात्र रामकेश कौशल ने बीएएलएलबी तृतीय वर्ष की परीक्षा 2016 में दी थी। लेबर लॉ के पेपर में उसे 37 नंबर दिए गए थे। छात्र ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में वाद दायर किया। अदालत का फैसला सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक में रखा गया। कॉपी खोलकर देखी गई तो पाया गया कि मूल्यांकन करने वाले आगरा कालेज के प्रवक्ता डा. एमएम खां ने मुख पृष्ठ पर 37 अंक दिए हैं।
कॉपी में अंदर उत्तरों के सापेक्ष नंबर नहीं दिए गए हैं। परीक्षा समिति ने माना है कि परीक्षक ने उत्तर पुस्तिका में लिखे गए उत्तरों को पढ़ा ही नहीं है। परीक्षक के कार्य से विरत किया। परीक्षा समिति ने डा. एमएम खां को तत्काल प्रभाव से विवि के परीक्षक के कार्य से विरत करने का फैसला लिया है। यह प्रतिबंध पांच साल के लिए हो सकता है। शिक्षक से इस आशय का स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि किन परिस्थितियों में ऐसा किया। समिति ने गोपनीय कार्रवाई की है।