आगरालीक्स…आगरा में कान्वेंट स्कूलों की छात्राओं की न्यूड फोटो बनाकर छात्रों का गिरोह कर रहा था ब्लैकमेल. छात्राओं के न्यूड फोटो—वीडियो मिलने का दावा. 34 पर मुकदमा…
आगरा में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने न सिर्फ लोगों को बल्कि पुलिस को भी चौंका दिया है. पुलिस को ऐसे गिरोह के बारे में पता चला है कि कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों की फोटो व वीडियो एडिट करके अश्लील व आपत्तिजनक बनाता था. बड़ी बात ये है कि पुलिस को इस गैंग में कान्वेंट स्कूलों पढ़ने वाले कुछ छात्रों की संलिप्तता भी मिली है. एक एनजीओ के जरिए यह मामला पुलिस के पास पहुंचा है. पुलिस ने एनजीओ के शिकायत पर 34 युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस को इनमें 9 के नाम तो मिल गए हैं लेकिन बाकी अभी अज्ञात हैं. जिनके नाम आए हैं वे सभी स्टूडेंट और नाबालिग हैं. एनजीओ ने दावा किया है कि आरोपी के पास से उन्हें न्यूड तस्वीरें व वीडियो मिले हैं. इन फोटोज और वीडियो के जरिए इन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था.

यहां से सामने आया मामला
शास्त्रीपुरम की रहने वाली और कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा ने एक एनजीओ से संपर्क किया. उसने बताया कि उसका एक बॉयफ्रेंड था जो कि पास के ही एक स्कूल में कक्षा 12वीं में पढ़ता था. दोनों जब भी मिलते थे सेल्फी व फोटोज ले लिया करते थे. लेकिन कुछ महीने बाद ही उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया. छात्रा ने बताया कि फोन करने वाले ने कहा कि उसके पास उसकी न्यूड तस्वीरें व वीडियोज हैं. यह सुनते ही छात्रा घबरा गई, उसने पूछा कि फोटो और वीडियो कहां से मिले हैं तो फोन करने वाले ने बताया कि तुम्हारे बॉयफ्रेंड से मिले हैं. इस पर छात्रा ने फोन काट दिया और अपने बॉयफ्रेंड को कॉल किया. लेकिन उसने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया और फोन काट दिया.
छात्रा ने बताया कि फोन करने वाले लड़के ने दोबारा उसको कॉल किया और उसे मिलने के लिए बुलाने लगा. फिर इसके बाद कई लड़कों के कॉल आने लगे. परेशान छात्रा ने एक दिन अपनी स्कूल दोस्त को इसके बारे में जानकारी दी तो खुलासा हुआ कि उसके साथ भी ऐसा ही हुआ है. इसके बाद छात्राओं ने पुलिस के जाने की बजाय एनजीओ से संपर्क किया, क्योंकि उन्हें डर था कि पुलिस के पास जाने से तस्वीरें वायरल हो सकती हैं.
इस मामले में एनजीओ ने पहले अपने स्तर से इसकी जांच पड़ताल की. एनजीओ से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि हमने एक लड़के को पकड़ा और उससे पूछताछ की तो उसके पास से लड़कियों के 300 फोटो व वीडियो मिले हैं. जिसके बाद पुलिस में शिकायत की. एनजीओ ने कुछ वीडियो और फोटोज पुलिस को उपलब्ध कराए हैं. पुलिस तक मामला पहुंचा तो सर्विलांस ने इसकी जांच पड़ताल की तो इस गैंग से 34 छात्रों के नाम सामने आए. पुलिस को इनमें से 9 लड़कों के नाम पुलिस को मिल चुके हैं.
एनजीओ ने इस मामले में महिला आयोग, बाल आयोग और अन्य जगहों पर भी शिकायत की. वहीं थाना सिकंदरा पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है. सर्विलांस क्राइम सेल की मदद के जरिए इस मामले की पूरी तहकीकात हो रही है.ये गिरोह कब से एक्टिव है, कैसे काम करता है, इनके चंगुल में कितनी लड़कियां फंसी हैं और क्या ये गिरोह किसी पोर्ट साइट को डेटा तो नहीं बेच रहा था…ऐसे कई सवालों के जवाब पुलिस पता कर रही है. मुख्य आरोपी कक्षा 12वीं का छात्र बताया जा रहा है जो कि कहीं से कोचिंग ले रहा है.