आगरालीक्स… आगरा में कोरोना डिसइन्फेक्शन कैबिन लगाए जा रहे हैं, इस कैबिन में जाते ही कोरोना वायरस को नष्ट करने वाले कैमिकल की बौछार होने लगती है। एसएन, जिला अस्पताल के साथ ही हरीपर्वत थाना, जिला जेल सहित 10 सावर्जनिक स्थान पर लगाया गया है। ये कैबिन वेस्ट मैटेरियल से समाज सेवी संस्था ने तैयार किए हैं और स्थापित किए जा रहे हैं।
कोरोना वायरस का संक्रमण मुंह और छींक से निकलने वाली ड्रॉपलेट से फैलता है, जब हम बाहर जाते हैं तो ड्रॉपलेट हमारे कपडों पर भी आ सकती हैं। इससे भी संक्रमण का खतरा है, इसकी रोकथाम के लिए आगरा की समाजसेवी संस्था ने कोरोना डिसइन्फेक्शन कैबिन बनाया है। संस्था के प्रदीप खंडेलवाल ने बताया कि कैबिन को एग्रीक्चर प्रोडक्ट और वेस्ट मैटेरियल से तैयार किया गया है। इसमें एग्रीकल्चर स्प्रे लगाए गए हैं। छह नोजल हैं। कोरोना वायरस की ड्रॉपलेट को नष्ट करने वाले हाइपोक्लोराइट के घोल को निर्धारित मात्रा में पानी में डालकर कैबिन में इस्तेमाल किया जा रहा है। कैबिन में प्रवेश करते ही नोजल से केमिकल की बौछार निकलने लगती है और शरीर पर पहने हुए पकडे सैनेटाइज हो जाते हैं। इसे बनाने में करीब आठ हजार का खर्चा आया है।