आगरालीक्स आगरा में अल्ट्रासाउंड, पीसीपीएनडीटी से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की गई। भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने और लोगों को बेटियों के प्रति सोच बदलने के लिए जागरूक करने के लिए कहा गया है।
आगरा के होटल में इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) आगरा चैप्टर द्वारा बुधवार को बैठक आयोजित की गई। इसमें रेडियोलॉजिस्ट व अल्ट्रासाउंड केंद्रों से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की गई। स्टेट एप्रोपिएट अथॉरिटी पीसीपीएनडीटी नीरू बंसल ने कहा कि
लोगों को लगातार जागरूक किया जाए और उन्हें समझाया जाए कि भ्रूण का लिंग जानना या बताना कानूनन अपराध है, तो बड़ी संख्या में लोगों को इस कुप्रथा से दूर किया जा सकता है। बेटी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और समाज में जागरूकता फैलाने को कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
अआईआरआईए की अध्यक्ष डॉ. संजना अरोड़ा ने कहा कि लिंग भ्रूण परीक्षण की गतिविधियों से दूर रहने वाले प्रतिष्ठित चिकित्सकों को अनावश्यक परेशानी न हो। वहीं, यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से सेक्स डिटरमिनेशन करवाता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई और दंड प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. हरि सिंह ने पुराने एवं अनुपयोगी अल्ट्रासाउंड तथा अन्य रेडियोलॉजी उपकरणों का मुद्दा भी उठाया गया। कॉलेज में लंबे समय से कुछ मशीनें पड़ी हुई हैं। ऐसी मशीनों के डी-रजिस्ट्रेशन, निस्तारण अथवा स्क्रैप,डिस्पोजल की निर्धारित प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश की आवश्यकता है। स्टेट एप्रोपिएट अथॉरिटी पीसीपीएनडीटी नीरू बंसल ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ चिकित्सकों की वास्तविक एवं व्यावहारिक समस्याओं का समाधान भी जरूरी है। बैठक में डॉ. हरि सिंह, डॉ. भूपेंद्र आहूजा, डॉ. अजय बुल्लागान, डॉ. भूपेंद्र चौधरी, डॉ. निखिल शर्मा, डॉ. अंकुर शर्मा, डॉ. अंजली, डॉ. वनज माथुर, डॉ. अनिल अरोड़ा और डॉ. जितेंद्र चौधरी सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।