आगरालीक्स…“आज से दिन काउंट कर लीजिए,मैं दोबारा निरीक्षण करूंगा…आगरा के डीएम ने इमरजेंसी और एसएन में बन रहे लेडी लॉयल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज ब्लॉक का किया निरीक्षण. दी चेतावनी
आगरा के नवागत जिलाधिकारी मनीष बंसल चार्ज संभालते ही एक्शन मोड में है. चार्ज संभालने के अगले दिन जहां उन्होंने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए तो वहीं दो दिन बाद आज एसएन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे. डीएम ने इमरजेंसी एवं एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन लेडी लॉयल अस्पताल विस्तारीकरण फेज-1, मेडिकल कॉलेज ब्लॉक व यूजी/पीजी हॉस्टल के निर्माणाधीन भवन का भौतिक निरीक्षण किया. उन्होंने निर्माणाधीन लेडी लॉयल अस्पताल विस्तारीकरण फेज-1, व मेडिकल कॉलेज ब्लॉक में अपेक्षित कार्य प्रगति न होने, मौके पर श्रमिकों की कमी से निर्माण में विलंब पर संबंधित को कड़ी फटकार लगाई. वहीं निर्माणाधीन यूजी/पीजी हॉस्टल की धीमी गति, अधोमानक सामग्री, निर्माण में मिली खामियां मिलने पर प्रोजेक्ट मैनेजर को जमकर लताड़ा. डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि "आज से दिन काउंट कर लीजिए,मैं दोबारा निरीक्षण करूंगा, 15 दिन में प्रगति परिलक्षित नहीं हुई तो शासन में आपके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही हेतु लिख कर भेज दिया जाएगा. उन्होंने सीडीओ को निर्माणकार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने,समय सीमा के अंतर्गत कार्य पूर्ण किए जाने हेतु एक जिलास्तरीय कमेटी गठित कर सतत निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग,निगरानी करने प्रतिमाह प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए.
इमरजेंसी में देखे सर्जरी, अस्थि और बाल रोग विभाग
डीएम मनीष बंसल सबसे पहले एसएन इमरजेंसी पहुंचे. यहां उन्होंने सर्जरी विभाग, अस्थि रोग, बाल रोग अनुभाग, पीडियाट्रिक, पैथोलॉजी, क्रिटिकल वार्ड, ब्लड लैबोरेटरी, सीटी स्कैन, ओटी इत्यादि का निरीक्षण किया. जिलाधिकारी ने एक्सरे, सीटी स्कैन मशीन का संचालन, प्रतिदिन मरीजों की संख्या, मरीजों से लिए जा रहे चार्ज के बारे में जानकारी प्राप्त की. इसके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन लेडी लॉयल अस्पताल विस्तारीकरण फेज-1 व मेडिकल ब्लॉक के कार्यों का निरीक्षण किया. डीएम ने ले-आउट व साइट प्लान देखा. जिलाधिकारी को बताया गया कि मई 2025 से कार्य प्रारंभ हुआ है तथा मई-2027 में कार्य पूर्ण होना है. जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में जवाब तलब किया जिसमें बताया गया कि मौके पर लगभग 35 प्रतिशत कार्य हुआ है. इस पर जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट मैनेजर को तलब किया तथा लक्ष्य के सापेक्ष निर्माण कार्य में प्रगति न होने पर कड़ी फटकार लगाई तथा कार्य में हो रहे बिलंब का कारण पूछा जिसमें बताया गया कि बरसात के मौसम में अपेक्षानुरूप कार्य न होना, एनजीटी द्वारा कैंपस में स्थित 280 पेड़ को हटाए जाने में आया अवरोध तथा होली त्यौहार के बाद लेबर की कमी रही है जल्द ही श्रमिकों की संख्या बढ़ा कर कार्य में शीघ्रता लाई जाएगी. जिलाधिकारी ने होली के लगभग 02 माह बाद भी कम श्रमिकों की संख्या पर जवाब तलब किया.
800 की जगह 350 श्रमिक कर रहे थे काम
जिलाधिकारी ने अनुमन्य श्रमिकों के बारे में जानकारी ली जिसमें बताया गया कि 800 श्रमिकों के स्थान पर 350 श्रमिक कार्य कर रहे हैं. जिलाधिकारी ने 15 दिन की समय सीमा तय करते हुए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने तथा अपेक्षानुरूप कार्य प्रगति कर समय सीमा में गुणवत्तायुक्त निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश दिए.
जिलाधिकारी ने एसएन मेडिकल ब्लॉक के भी मौके पर चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जिसमें बताया गया कि 01 ब्लॉक तैयार हुआ है तथा 21 प्रतिशत कार्य पूर्ण है जिलाधिकारी ने संबंधित निर्माणदाई संस्था को कड़ी फटकार लगाई तथा निर्देश दिए कि "आज से दिन काउंट कर लीजिए,मैं दोबारा निरीक्षण करूंगा, 15 दिन में प्रगति परिलक्षित नहीं हुई तो शासन में आपके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही हेतु लिख कर भेज दिया जाएगा".

जून 2026 तक पूरा होना था काम, दो साल में 50 प्रतिशत ही हुआ काम
जिलाधिकारी ने इसके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन यूजी/पीजी हॉस्टल का निरीक्षण किया जिसमें जिलाधिकारी को गुणवत्ता के साथ अनेक खामियां मिली, जिलाधिकारी ने कार्य की प्रगति तथा कार्य समाप्त करने की समयावधि की जानकारी ली. जिसमें बताया गया कि जून 2026 तक कार्य पूर्ण होना था, विगत 02 वर्ष में 50 प्रतिशत कार्य होने,कार्य की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने साइट इंचार्ज को तलब किया,जिसने बताया कि मेट्रो प्रोजेक्ट के कारण जमीन प्राप्त होने में 06 माह की देरी हुई है. जिलाधिकारी को मौके पर निर्माण गुणवत्ता में कमी,पिलर /बीम डिजाइन, शटरिंग की लाइन और लेवल की उचित जांच किए बिना ही कंक्रीट का कार्य करा देना,कंक्रीट सरफेस की गुणवत्ता मानक के अनुरूप न होना तथा निर्माण गुणवत्ता खराब होना पाया गया, जिलाधिकारी ने समय समय पर की गई जांच रिपोर्ट की जानकारी ली जिसमें बताया गया कि आईआईटी कानपुर की जांच रिपोर्ट लंबित है.
सीडीओ को दिए कमेठी गठित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन 07 मंजिला पीजी हॉस्टल ब्लॉक के 06 मंजिलों के कार्य को स्वयं ऊपर चढ़ कर देखा तथा सीडीओ को निर्माणकार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, समय सीमा के अंतर्गत कार्य पूर्ण किए जाने हेतु एक जिलास्तरीय कमेटी गठित कर सतत निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग ,निगरानी करने प्रतिमाह प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए. उन्होंने अधोमानक पाए गए कार्यों के लिए संबंधित की जिम्मेदारी तय करने तत्काल श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने कार्य स्थल पर वायु प्रदूषण (धूल) की रोकथाम के पर्याप्त उपाय न मिलने पर भी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने निर्माण स्थल पर ट्रांसपोर्टेशन प्लान के अनुसार कार्य करने और बिखरी पड़ी निर्माण सामग्री को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके.

सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक का भी किया निरीक्षण
जिलाधिकारी ने एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक का भी निरीक्षण किया तथा वहां दी जा रही सुविधाओं के बारे में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से विस्तार से जानकारी ली, जिलाधिकारी ने रेडियोलॉजी, डायलिसिस, न्यूरोलॉजी, हेपेटाइटिस, ओटी सहित विभिन्न चिकित्सीय अनुभागों का मौके पर निरीक्षण किया तथा मरीजों व उनके तीमारदारों से दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली.
जिलाधिकारी ने सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक में इलाज कराने आने वाले आगरा से बाहर के मरीजों मरीजों के बारे में जानकारी ली जिसमें बताया गया कि लगभग 40 प्रतिशत मरीज आस पास के जिलों से इलाज हेतु आते है. निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, सीएमओ डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव, एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता, निर्माणदाई संस्थाओं के अभियंता आदि मौजूद रहे.