आगरालीक्स…वीडियो देखें…मैदान—पार्क खाली पड़े हैं, युवा मोबाइल पर क्रिकेट—फुटबॉल खेल रहे हैं. आगरा में इस्कॉन के उपदेशक अमोघ लीला प्रभु ने बताया कैसे ड्रग्स से ज्यादा घातक है सोशल मीडिया का नशा, एआई खत्म कर रहा स्किल.
युवाओं के लिए ड्रग्स से ज्यादा घातक बन गया है सोशल मीडिया का नशा और एआई पर बढ़ती निर्भरता। सोशल मीडिया युवाओं को नपुंसक बनाने से लेकर आलसी, भावनामुक्त बना रहा है। अपनी अलग वर्च्युल दुनिया बना ली है युवाओं ने, जहां सम्बंधों में सिर्फ दिखावा और छलावा है, वास्तिवकता और भावनात्मक लगाव नहीं। हालाकि इन तकनीकों के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं, परन्तु हम नकारात्मक पहलुओं की ओर ज्यादा आकर्षिक हैं। आज मैदान और पार्क खाली पड़े हैं और सोशल मीडिया पर लोग क्रिकेट और फुटबॉल खेल रहे हैं। सूरसदन में इस्कॉन द्वारा एआई, सोल एंड फ्यूचर ऑफ ह्यूमन्स विषय पर आयोजित यूथ फैस्ट आरम्भ में फैकल्टी ऑफ आईआईएम व इस्कॉन के उपदेशक अमोघ लीला प्रभु ने तकनीकि और सोशल मीडिया के सकारात्मक व नकारात्मक पहलुओं पर कुछ अनोखे अंदाज में चर्चा की। हंसते गाते और युवाओं की भाषा में उन्हें ऐसे समझाया कि हर कोई खिलखिलाते हुए उनसे न सिर्फ उनसे सहमत बल्कि सीख पर चलने के लिए तैयार किया।
कहा कि युवाओं की तकनीक पर इतनी निर्भरता बढ़ गई है कि बीटेक पास विद्यार्थी कोडिंग करना नहीं जानता। क्योंकि पढ़ाई के समय में युवा 3-5 घंटे सोशल मीडिया व फिल्मे देखने में समय बर्बाद कर रहे हैं। यही वजह है कि 43 प्रतिशत युवा अनइम्प्लॉयएबिल है (नौकरी के योग्य ही नहीं)। सोशल स्किल और बुद्धमता को कमजोर रहा है सोशल मीडिया। छोटे-छोटे बच्चे मोबाइल के बिना खाना नहीं खाते। भारत में 89 प्रतिषत लोग प्रतिबंधित कन्टेंट देखते हैं। कहा कि जीवन में कुछ करना है कि मोबाइल को पढ़ाई के समय साइलेंट कर छत पर डाल दो। उन्होंने एआई के कारण घट रहे नौकरी के विकल्पों का समाधान बताते हुए कहा कि ह्यूमन इनवॉलव्मेंट वाली चीजों से जुड़िए। वर्च्युअल दुनियां की जगह वास्तविकता में रहें और आवस्यकतानुसार निश्चित समय के लिए सोशल मिडिया का उपयोग करें। अतिथियों का स्वागत करते हुए इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने एसआई के नकारात्मक प्रभावों के बारे में युवा वर्ग को बताया। संचालन अतिदि गौरांगी ने किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों ने प्रभुपाद जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

आगरा। मृदंग और मंजीरे की दुन पर हरे राम हरे कृष्णा…, श्रीराधा रमण हरि बोल… संकीर्तन पर हर भक्त झूमता और कीर्तन की भक्ति में सरोबर नजर आया। हर तरफ राधा कृष्ण की श्रद्धा से भरी भक्तिमय ध्वनि गुजायमान थी। कुछ विद्यार्थी खड़े होकर नडत्य करते दिखे तो कुछ दोनों हाथ ऊपर कर कीर्तन से भक्तिमय सुर से सुर मिलाते नजर आए। युवाओं की आवाज में भक्ति की ताकत और श्रद्धा का ऐसा जोश ता कि माइक की आवश्यकता ही नहीं थी।
दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति से खचाखच भरा सूरसदन
लगभग दो हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति से सूरसदन प्रेक्षागृह खचाखच भरा था। जिसे जहां जगह मिली वहीं बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से अमोघ लीला प्रभु को सुनने के लिए बैठ गया। कुछ सीढ़ियों पर कुछ भक्त जमीन पर बैठकर तो कुछ खड़े होकर ही प्रवचन सुनते रहे। कार्यक्रम के अन्त में विद्यार्थियों ने अपने जिज्ञासा भरे प्रस्न भी किए। लविका वर्मा ने अपने हाथ से बनाए जगन्नाथ जी भी अमोघ लीला प्रभु को भेंट किए। सबी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
डीसीपी अभिषेक अग्रवाल, अम्बेडकर विवि की कुलपति प्रो. आशु रानी, संजीव मित्तल, सुशील अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, संजीव बंसल, कान्ता प्रसाद अग्रवाल, अदिति गौरांगी, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, डॉ. रंजना बंसल, सुशील गुप्ता, डॉ. गिरधर शर्मा, बीडी शुक्ला, डॉ. अंकुर गोयल, ओमप्रकाश अग्रवाल आदि कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित थे।