आगरालीक्स…आगरा में बल्केश्वर श्मशान घाट पर हाई-टेक विद्युत शवदाह गृह बनेगा. 4.40 करोड़ से का कायाकल्प
ताजनगरी में विकास कार्यों को गति देते हुए योगी सरकार ने अब शहर के प्रमुख अंत्येष्टि स्थलों की दशा सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। शहर की घनी आबादी के बीच स्थित बल्केश्वर श्मशान घाट, अब जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस नजर आएगा। नगर निगम ने इसके सौंदर्यीकरण और विकास के लिए 4.40 करोड़ रुपये की विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेज दी है।सुविधाओं का होगा विस्तार
बल्केश्वर क्षेत्र स्थित यह श्मशान घाट बहुत पुराना है और यहां न केवल आसपास की कॉलोनी के लोग बल्कि दूर- दराज से भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं। 'शहरी स्थल अंत्येष्टि स्थल विकास योजना' के तहत अब यहां का नक्शा बदलने की तैयारी है। प्रस्ताव के अनुसार घाट पर एक भव्य मुख्य द्वार बनाया जाएगा। इसके साथ ही पक्का भवन, शौचालय और शव यात्रा के लिए सुगम पाथवे का निर्माण कराया जाएगा ताकि बारिश और धूप में लोगों को परेशानी न हो।
योगी सरकार का विशेष जोर पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर है। इसी उद्देश्य से लकड़ी के चिता की जगह अब यहां विद्युत शवदाह गृह भी बनाया जाएगा। इससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल होगी और लकड़ी की बचत के साथ-साथ वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से यहां प्रकाश व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा। परिसर में नए बिजली के पोल लगाए जाएंगे। ऊर्जा की बचत के लिए 10 पोल लाइट और 6 सोलर लाइट विशेष रूप से लगाई जाएंगी, जिससे रात के समय भी यहाँ पर्याप्त रोशनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप शहर में सड़कों, नाले और नालियों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के साथ ही अब श्मशान घाटों में भी संसाधन विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। बल्केश्वर श्मशान घाट के विकास का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। यहां विद्युत शवदाह गृह स्थापित होने से पर्यावरण संरक्षण में बड़ा सहयोग मिलेगा। हमारा प्रयास है कि संवेदना के इस स्थान पर दुख की घड़ी में पहुंचने वाले परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें बेहतर वातावरण मिल सके। - अंकित खंडेलवाल, नगरायुक्त