आगरालीक्स…आगरा में डीईआई ने मनाया ओपन डे. नारियल की खाद से बिना मिट्टी उगाकर दिखाए पौधे. बोटैनिकल गार्डन में 200 ली. के टैंक में तैयार किया गया सुपर फूड स्पिरुलिना शैवाल. देखें प्रदर्शनी के फोटोज
दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट यानी डीईआई ने शनिवार को अपना ओपन डे अत्यंत उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ मनाया. यह अवसर इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह DEI के संस्थापक निदेशक परम गुरु हुजूर डॉ. एम. बी. लाल साहब की पावन जयंती के साथ मनाया गया. ओपन डे के दौरान एक विशाल प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें सभी फैकल्टी के स्टूडेंट्स द्वारा तैयार किए गए अलग—अलग मॉडल्स और प्रोजेक्ट्स पेश किए.
प्रदर्शनी में स्टूडेंट्स ने दिखाए अपने उत्कृष्ट कार्यों की झलक
इस वर्ष के समारोह में डीईआई के विद्यार्थियों की लगन और रचनात्मकता विशेष रूप से उभरकर सामने आई। विद्यार्थियों ने अपने नवाचारी प्रोजेक्ट्स और शैक्षणिक कार्यों को मॉडल्स, ग्राफिकल चार्ट्स, कार्यशील मॉडल्स, डिस्प्ले पैनल्स और इंटरएक्टिव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया. संस्थान के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर कुल 52 स्टॉल लगाए गए, जिनमें मॉडलों, प्रदर्शनों और सहभागितापूर्ण गतिविधियों की व्यापक श्रृंखला प्रस्तुत की गई. इन प्रदर्शनों में वस्त्र, जैविक खेती, कृषि एवं ग्रीनहाउस तकनीक, पेटेंट एवं प्लेसमेंट, अनुसंधान एवं नवाचार, डेयरी तकनीक, 3D प्रिंटिंग, नैनो एवं क्वांटम विज्ञान, चेतना अध्ययन, ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम, लेदर टेक्नोलॉजी, अनुपम उपवन, उन्नत भारत अभियान, एलुमनी पहल, कौशल विकास, खाद्य प्रसंस्करण, मेडिकल कैंप, DEI की शिक्षा नीति, संस्थान का इतिहास, केंद्रीय प्रशासन एवं प्रवेश प्रक्रिया जैसे विविध क्षेत्र शामिल थे.
बोटैनिकल गार्डन में तैयार किया सुपर फूड
विज्ञान संकाय के वनस्पति विभाग के बोटैनिकल गार्डन में spiruleena शैवाल 200 लीटर के टैंक में तैयार किया गया है जो की सुपर फूड कहलाता है जिसमें 65 से 75% प्रोटीन होता है यह एंटीऑक्सीडेटिव प्रॉपर्टी है जिसमें मिनरल, आयरन ज्यादा होता है. बोटैनिकल गार्डन में 151 वन औषधियां लगाई गई है.

नारियल की खाद से उगाए पौधे
साइंस फैकल्टी के छात्रों ने नारियल की खाद से पौधों को उगाकर दिखाया.उनके इस प्रोजेक्ट में मिट्टी का प्रयोग नहीं किया गया था बल्कि नारियल की खाद का उपयोग किया गया. इस प्रयोग को काफी साराहा गया और इसे आधुनिक खेती की दिशा में एक नई पहल के रूप में देखा गया.

गुरु महाराज ने किया शैक्षणिक भ्रमण
इस वर्ष युवाओं के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आयुष संकाय द्वारा एक विशेष ओपीडी की व्यवस्था की गई. वहीं शिक्षा संकाय ने इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) की शुरुआत के माध्यम से शिक्षक शिक्षा में क्रांतिकारी प्रयासों को रेखांकित किया. इसके अतिरिक्त, छात्र स्टार्ट-अप्स ने अपनी प्रगति और नवाचारों का प्रदर्शन किया, जो संस्थान में विकसित हो रही उद्यमशीलता और व्यावहारिक शिक्षा की संस्कृति को दर्शाता है. इस गरिमामय अवसर पर समारोह की शोभा परम पूज्य प्रो. पी. एस. सत्संगी साहब, अध्यक्ष, शिक्षा सलाहकार समिति, की उपस्थिति से और भी बढ़ गई. उन्होंने परिसर का भ्रमण कर गतिविधियों और प्रदर्शनों में गहरी रुचि ली. उनकी अमूल्य उपस्थिति और आशीर्वाद ने संस्थापक दिवस समारोह को गहन आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की.
1917 में अस्तित्व में आया था यह शिक्षण संस्थान
1917 में राधास्वामी शिक्षा संस्थान की स्थापना के साथ अस्तित्व में आए दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की जड़ें प्रो. एम. बी. लाल साहब (लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति) की दूरदर्शी सोच और नवाचारी शैक्षिक दर्शन में गहराई से समाहित हैं. उनकी 1975 की अग्रगामी शिक्षा नीति ने संस्थान में मूल्य-आधारित एवं समग्र शिक्षा की सुदृढ़ नींव रखी. वर्षों के साथ DEI ने निरंतर प्रगति करते हुए विद्यार्थियों के बौद्धिक, नैतिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने के अपने मिशन को दृढ़ता से निभाया है, जिससे समाज और राष्ट्र के प्रति सार्थक योगदान सुनिश्चित हुआ है. संस्थापक दिवस समारोह, जिसे प्रायः ओपन डे के रूप में जाना जाता है, में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्यों, उपलब्धियों और पहलों की प्रभावशाली प्रस्तुति देखने को मिली. परिसर विभिन्न गतिविधियों, प्रदर्शनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रंग-बिरंगी सजावट से जीवंत हो उठा, जिससे हर्षोल्लास और उत्सव का वातावरण बन गया. 25,000 से अधिक लोगों ने विशाल प्रदर्शनी का आनंद लिया तथा स्वादिष्ट व्यंजनों का भी रसास्वादन किया.