आगरालीक्स…आगरा में 23 जनवरी को शाम 6 बजे होगा ब्लैक आउट. साइरन बजते ही लाइट हो जाएगी बंद. जानिए क्यों मॉकड्रिल से परखी जाएगी सुरक्षा
उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के अवसर पर 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर ब्लैक आउट मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश प्रदत्त किये गये हैं जिसकी तैयारियों के परिप्रेक्ष्य में कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान एवं प्रभारी नागरिक सुरक्षा, आगरा की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गयी। ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन 23 जनवरी को सांय 06ः00 बजे पुलिस लाइन, आगरा पर किया जायेगा। मॉक ड्रिल में डीडीएमए, अग्निशमन, पुलिस, स्वास्थ्य, टोरण्ट पॉवर, शिक्षा, लोक निर्माण, परिवहन विभागों की सहभागिता रहेगी, जिसमें मॉक ड्रिल स्थल पर नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा हवाई हमले से बचाव का साइरन (ऊँची नीची आवाज में) बजाया जायेगा।
साइरन बजते ही टोरण्ट विभाग द्वारा मॉकड्रिल के आस-पास के क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बन्द कर दी जायेगी तथा स्थल पर उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा शेल्टर लिया जायेगा। सांय 06ः06 बजे नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा हवाई हमले समाप्त होने का साइरन (तेज आवाज में) बजाया जायेगा। साइरन बजते ही टोरण्ट विभाग द्वारा विद्युत आपूर्ति संयोजित कर दी जायेगी। तदोपरान्त स्थल पर हवाई हमले से लगी बड़ी-बड़ी आगों को अग्निशमन विभाग द्वारा बुझाया जायेगा तथा छोटी-छोटी आगों को नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों द्वारा बुझाया जायेगा। घटना स्थल पर ही घायलों को नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जायेगी तथा स्वास्थ्य विभाग गम्भीर रूप से घायल हुए व्यक्तियों को एम्बुलेन्स द्वारा निकटस्थ अस्पताल पहुँचाया जायेगा।
लोक निर्माण, होमगार्ड्स विभाग एवं नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवको द्वारा बचाव की आपदाकालीन विधियों द्वारा हवाई हमले से क्षतिग्रस्त भवनों में फँसे व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जायेगा। मॉकड्रिल की अवधि में पुलिस विभाग द्वारा यातायात एवं शांति-व्यवस्था का अनुपालन कराया जायेगा। शिक्षा विभाग द्वारा निकटस्थ स्कूल के विद्यार्थियों को उक्त मॉक ड्रिल में उपस्थित रखा जायेगा, जिससे उनमें जागरूकता बढ़े। अन्त में अपर जिलाधिकारी (नगर) एवं प्रभारी नागरिक सुरक्षा, द्वारा पुलिस लाइन क्षेत्र के आस-पास की जनता से अपील की गयी कि यह हवाई हमले से बचाव की एक तैयारी (रिहर्सल) मात्र है। अतः किसी तरह के परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
बैठक में ब्लैकआउट के समय क्या करें-क्या न करें के बारे में भी विस्तार से बताया गया, जिसमें-
ब्लैकआउट क्या है?
ब्लैकआउट एक आपातकालीन सुरक्षा उपाय है, जिसमें किसी क्षेत्र की सभी बाहरी एवं अनावश्यक रोशनी अस्थायी रूप से बंद कर दी जाती है।
ब्लैकआउट क्यों किया जाता है?
दुश्मन के हवाई हमले या ड्रोन हमले से सुरक्षा हेतु, रात में शहर/इलाके की पहचान छिपाने के लिए, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए, आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में रणनीतिक सावधानी के रूप में,
ब्लैकआउट के समय क्या करें
घर, दुकान व कार्यालय की सभी बाहरी लाइटें तुरंत बंद करें, खिड़की-दरवाजों से आने वाली रोशनी कपड़े परदे से ढक दें, केवल आवश्यक होने पर हल्की रोशनी का प्रयोग करें, प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस के निर्देशों का पालन करें, घर के अंदर शांतिपूर्वक रहें, आपातकालीन स्थिति में ही बाहर निकले, अफवाहों पर ध्यान न दें, आधिकारिक सूचना पर विश्वास करें।
ब्लैकआउट के समय क्या न करें
घर, छत या सड़क पर अनावश्यक रोशनी न जलाएं, मोबाइल फ्लैशलाइट, टॉर्च, लेजर लाइट का बिना कारण प्रयोग न करें, वाहन चलाते समय हेडलाइट/डिपर ऑन न रखें, छत या खुले स्थान पर खड़े न हों, घबराहट या अफरा-तफरी न फैलाएं। बैठक में उप नियन्त्रक, नागरिक सुरक्षा श्री मुनेश कुमार गुप्ता सहित समस्त सम्बन्धित विभाग के प्रतिनिधिगण आदि उपस्थित रहे।