आगरालीक्स केजीएमयू महिला जूनियर रेजिडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण की जांच को आगरा के एसएन पहुंची एसटीएफ, डॉ. रमीज एसएन का एमबीबीएस 2012 बैच का है छात्र।
केजीएमयू लखनऊ के एमडी पैथोलॉजी के जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीज को महिला जूनियर रेजिडेंट के साथ यौन शोषण और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के मामले में जेल भेजा जा चुका है। इस मामले की जांच सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसटीएफ को सौंपी गई है। डॉ. रमीज ने 2012 में एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था इसी दौरान टॉपर छात्रा को अपने जाल में फंसाया, उसके साथ निकाह करने की खबरें आने के बाद धर्मांतरण के नेटवर्क का खुलासा करने के लिए एसटीएफ की टीमें लगाई गईं हैं।
एसएन से 2012 के बाद का छात्रों का मांगा गया ब्योरा
डॉ. रमीज ने एसएन मेडिकल कॉलज में 2012 में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था और इसी साल 2025 नवंबर में दिल्ली बम धमाके में पकड़े गए डॉ. परवेज ने एसएन में एमडी मेडिसिन में प्रवेश लिया था। यह भी सामने आया है कि इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप बनाकर एसएन मेडिकल कॉलेज से ही मेडिकल छात्राओं के धर्मांतरण के लिए उन्हें जाल में फंसाने का काम शुरू किया गया। मंगलवार को एसटीएफ की दो सदस्यीय टीम एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता से एसएन से 2012 और उसके बाद प्रवेश लेने वाले मेडिकल छात्र और जूनियर रेजीडेंट का ब्योरा मांगा है।
मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में सक्रिय हुई एसटीएफ
एसएन मेडिकल कॉलेज के पास मिश्रित आबादी का क्षेत्र है, मेडिकल छात्र हास्टल न मिलने पर यहां कमरा लेकर रहते हैं। डॉ. रमीज भी एक साल तक मोती कटरा में करना लेकर रहा था इसके बाद एसएन के सीनियर ब्वॉयज हास्टल में रहा। हॉस्टल स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ता था, बाहरी लोग भी आते थे।