आगरालीक्स… महिलाएं स्वस्थ्य रहें, यह महिला दिवस पर सबसे बडा उपहार है। इसके लिए ईश्वरी देवी हॉस्पिटल में महिला दिवस पर गुरुवार को आगरा मीनोपॉज सोसायटी के सहयोग से महिलाओं के लिए चिकित्सा शिविर लगाया गया। सोसायटी की सचिव व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ सविता त्यागी ने महिला मरीजों को निशुल्क परामर्श देने के साथ ही दवाएं वितरित की। उन्होंने महिलाओं को स्वस्थ्य रहने, मीनोपॉज के बाद देखभाल करने और गर्भावस्था में सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया। इसके साथ ही बदलते दौर में मोटापे की शिकार हो रही महिलाओं को घर का काम करने और टहलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने घर को चलाती हैं, वे स्वस्थ रहेंगी तो पूरा घर स्वस्थ्य रहेगा। इसके लिए अच्छा खाना खाएं, जिंदगी में तनाव न लें और खुशाहल जिंदगी जीएं। आज की चिंता करें, पहले जो हो चुका है उसे भूल जाएं और आज अच्छा होगा तो आने वाला कल अपने आप ही अच्छा होगा।
महिला दिवस पर हुए कार्यक्रम
आगरा में महिला दिवस पर उनके कार्य के लिए सम्मानित किया गया। स्मृति संस्था द्वारा गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सिकंदरा स्थित रेनबो हाॅस्पिटल में महिलाओं के स्वास्थ्य, सशक्तिकरण एवं सम्मान पर एक वृहद स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। फेडरेशन आॅफ आॅब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलाॅजिकल सोसाइटी आॅफ इंडिया (फाॅग्सी) की पब्लिक अवेयरनेस कमेटी के साथ ही संस्था राउंड टेबल इंडिया, सत्यमेव जयते और लीडर्स आगरा के सहयोग से आयोजित हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज को प्रेरणा प्रदान कर रहीं शहर की 10 महिलाओं एवं संस्थाओं को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। अपराहन तीन से शाम पांच बजे तक चले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एडीशनल कमिश्नर इनकम टैक्स इनवेस्टिगेशन श्रीमती वृंदा दयाल ने अपने शब्दों से महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। फाॅग्सी की अध्यक्ष डा. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि भारत की अनेकों नारियों ने समय-समय पर सिद्ध किया है कि वह अबला नहीं हैं। केवल जननी नहीं ज्वाला हैं। वो नाम जो कल झांसी की रानी था, आज देश की पहली डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण, इंटर सर्विस गार्ड आॅफ आॅनर को नेतृत्व करने वालीं पहली भारतीय वायुसेना विंग की कमांडर पूजा ठाकुर या फिर भारतीय वायुसेना में फाइटर प्लेन मिग 21 उडाने वालीं अवनी चतुर्वेदी है। दुनिया भर में आज महिलाएं अपना परचम लहरा रही हैं। स्मृति संस्था के अध्यक्ष एवं रेनबो हाॅस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि भारत में 60 प्रतिशत महिलाएं पुरूषों की तरह ही और अफ्रीका में 84 प्रतिशत महिलाएं खेतीबाडी में सहयोग दे रही हैं। 90 प्रतिशत महिलाएं घर के कामकाज संभालती हैं। पूरे विश्व में हर 10 में से चार घरों में सिर्फ महिलाएं ही अपनी जीविका से परिवार का भरण-पोषण करती हैं। जबकि वेतन की बात आती है तो हम पुरूषों की तुलना में महिलाओं को उसी काम के लिए समान वेतन नहीं देना चाहते। यह हालात तब हैं जब महिलाएं अपने काम के प्रति अधिक समर्पित और ईमानदार भी हैं। तो महिला दिवस की सार्थकता महिलाओं के अपने अधिकारों के प्रति जागरूक में नहीं बल्कि पुरूषों के उनके प्रति अपना नजरिया बदलकर संवदेनशील होने में है।
जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत डा. दीक्षा गोस्वामी ने महिलाओं की सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं एवं उनके निदान पर और डा. मनप्रीत शर्मा ने मासिक धर्म स्वास्थ्य रक्षा पर जानकारी प्रदान की।