आगरालीक्स…#आगरा में #मेट्रो के जो स्टेशन बन रहे हैं, उसमें खास तरह की ईंटों का यूज किया जा रहा है…जानिए क्या है इन ईंटों की क्वालिटी
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव की ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की नीतियों के तहत आगरा मेट्रो के सभी स्टेशन एवं डिपो परिसर में भवनों का निर्माण ईको-फ्रेंडली ईंटों से किया जा रहा है। थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली राख (फ्लाई ऐश) से बनने वाली इन ईको-फ्रेंडली ईंटों को ए.ए.सी ब्लाॉक्स कहा जाता है, जो पारंपरिक तौर पर प्रयोग होने वाली ईंट से हल्की और मजबूत होती है।
यूपी मेट्रो के एमडी कुमार केशव ने अनुसार ऑटोक्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट ब्लॉक (एएसी ब्लॉक) एक उत्कृष्ट ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल है, जो पारंपरिक तौर पर प्रयोग होने वाली ईंटों से बेहद हल्का एवं मजबूत है। इसके साथ ही इन ईको-फ्रेंडली ईंटों के बड़े आकार के कारण निर्माण तेज गति से होता है। पांरपरिक ईंट को भट्टों में पकाया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण होता है, जबकि एएसी ब्लॉक्स के निर्माण में किसी भी तरीके का प्रदूषण नहीं होता।
बता दें कि थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले से बिजली का उत्पादन किया जाता है, इस प्रक्रिया के चलते थर्मल पावर प्लांट्स से भारी मात्रा में राख निकलती है, जिसे ऐश डैम या ऐश पॉन्ड में जमा किया जाता है। एएसी ब्लाक्स का निर्माण के लिए अन्य सामग्री के साथ इसी राख का प्रयोग किया जाता है।
कुमार केशव का कहना है कि मेट्रो सेवा खुद एक ईको-फ्रेंडली एवं ग्रीन इनीशिएटिव है। ऐसे में शहर में मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद न सिर्फ सड़कों पर वाहनों का भार काफी हद कम होगा बल्कि इससे वाहनों द्वारा होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और शहर की हवा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। गौरतलब है कि यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री कुमार केशव पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद सजग हैं। विभिन्न संस्थाओं द्वारा ग्रीन इन्फ्रस्ट्रक्चर विकसित करने के लिए यूपी मेट्रो के एमडी श्री कुमार केशव को सम्मानित भी किया जा चुका है।